ज्ञानपुर। युवाओं को रोजगार शुरू करने के लिए धन मुहैया कराने से जुड़ी केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया योजना कालीन नगरी में लगभग तीन साल बाद भी अनजानी सी है। योजना के समुचित प्रचार-प्रसार के अभाव और जानकारी उपलब्ध कराने वाले केंद्र की नामौजूदगी के चलते ज्यादातर युवाओं को इस योजना की जानकारी ही नहीं है। आलम यह है कि स्टार्टअप इंडिया में अब तक जिले के केवल दो युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। लेकिन, उन्हें भी इसका पूरा लाभ नहीं मिल सका है।
जनवरी 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप इंडिया योजना लांच की थी। इसके तहत खुद का रोजगार शुरू करने वाले युवाओं को लोन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की इस योजना में मुख्य रूप से निर्माण क्षेत्र की ऐसी कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जहां रोजगार के अवसर मिलें। स्टार्टअप इंडिया की रजिस्ट्रेशन से लेकर लोन मिलने तक की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण स्थानीय स्तर पर ज्यादातर युवाओं और कारोबारियों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। स्टार्ट अप इंडिया में रजिस्ट्रेशन करा चुके दवनपुर गांव निवासी युवा कारोबारी भावेश पांडेय बताते हैं कि स्टार्ट अप इंडिया में उन्होंने तकरीब दो साल पूर्व रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन उसका खास नतीजा सामने नहीं आया। इसमें लोन स्वीकृत होने के बाद तीन साल तक इनकम टैक्स माफ रहता है। बताया गया था कि लोन के लिए इंटरव्यू भी होगा। हालांकि अब तक हमारा इंटरव्यू नहीं हुआ है। गौरतलब है कि भावेश बंगलूरू में ऑनलाइन वर्चुअल लैब उपलब्ध कराने का काम करते हैं। इस संबंध में प्रबंधक जिला उद्योग हरेंद्र यादव ने कहा कि स्टार्ट अप इंडिया केंद्र सरकार की व्यवस्था है। इसका पूरा संचालन ऑनलाइन होता है। व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक युवा इसके संबंध में इंटरनेट से जानकारी प्राप्त कर आगे बढ़ सकते हैं।
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