ज्ञानपुर। भदोही ब्लॉक के 15 ग्राम पंचायतों के 28 गांवों को विकास के लिए अभी साल अधिक का इंतजार करना होगा। पंचायत चुनाव के बाद गावों में विकास को लेकर रणनीति तैयार होने लगी है, लेकिन नगर पालिका परिषद भदोही में शामिल गावों में सन्नाटा पसरा है। इस वजह से कुल 47 हजार से अधिक की आबादी इससे प्रभावित है।
दरअसल सीमा विस्तार के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी और नोटिफिकेशन जारी होने के बाद पंचायत चुनाव से 15 ग्राम पंचायतों के 28 गांवों को अलग कर नगर पालिका में शामिल कर दिया गया था। करीब पांच माह पूर्व भदोही से अलग होकर नगर पालिका परिषद भदोही में शामिल 28 गावों में न तो ग्राम पंचायत से विकास कार्य हो रहे और न ही पालिका की ओर से कोई पहल की जा रही है। इससे यहां रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। 28 राजस्व गांव शामिल होने से नगर पालिका का क्षेत्रफल आठ वर्ग किमी से बढ़कर 39 वर्ग किमी हो गया है। सीमा विस्तार होने से 47 हजार की आबादी गांव से निकल कर शहर में शामिल हो चुकी है। लंबे समय से पंचायत चुनाव लड़ने के लिए कमर कस रहे लोगों को तगड़ा झटका लगा। अब वे सभासद की तैयारी में लगे हैं, लेकिन 2017 में निकाय चुनाव होने के बाद अब 2022 के अंत या 2023 में ही चुनाव होंगे। ऐसे में पालिका में शामिल ग्राम पंचायतों को विकास के लिए इंतजार करना पड़ेगा। पूर्व में भदोही ब्लॉक में कुल 124 ग्राम पंचायतों शामिल थीं लेकिन 15 गांव पालिका में शामिल होने से अब घटकर 109 हो चुका है।
आपत्ति के कारण नहीं शामिल हुए सात गांव-
ज्ञानपुर। सीमा विस्तार के लिए पालिका बोर्ड की ओर से दो साल पहले प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। जिसके बाद प्रस्ताव में 42 गांवों को शामिल किया गया था। हालांकि बाद में शासन ने सात गांवों को छांटकर 35 गांवों के लिए आपत्ति मांगी थी। बड़ी संख्या में आपत्ति के मद्देनजर सात अन्य गांवों (पिपरिस, राघोपुर, चौबेपुर, छितिउना, तिलंगरा, मई, सोनहर, महुआपट्टी) को निकाल कर 15 ग्राम पंचायतों के 28 राजस्व गावों को अंतिम रूप से नगर पालिका परिषद में शामिल करने की स्वीकृति मिली।