यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शनिवार को शुरू हो गया। पहले दिन 42 डीएचई और 200 से अधिक परीक्षक नहीं पहुंच सके। इसके चलते उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन धीमी गति से शुरू हो सका। डीएचई के नहीं रहने से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की ढाई हजार उत्तर पुस्तिकाएं आवंटित की गईं। रविवार और सोमवार से मूल्यांकन में तेजी आने की उम्मीद है।
उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज ज्ञानपुर और नेशनल इंटर कॉलेज भदोही में शनिवार को सुबह 10 बजे से ही परीक्षक पहुंचने लगे। पहले चरण की प्रायोगिक परीक्षा चलने से 42 डीएचई दोनों मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं पहुंच सके। इससे उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया धीमी रही। दोपहर बाद कुछ डीएचई की देखरेख में उत्तर पुस्तिकाएं खोली गईं। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के उप नियंत्रक विजय सिंह यादव ने बताया कि इंटरमीडिएट की 831 उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए आवंटित की गई हैं। उन्होंने बताया कि 150 परीक्षक और 20 डीएचई नहीं आ पाए। हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन केंद्र नेशनल इंटर कॉलेज भदोही के सह उप नियंत्रक योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 406 परीक्षकों में से 353 ही पहुंचे। इनके अलावा 21 डीएचई भी नहीं आ सके। इसके चलते 1660 उत्तर पुस्तिकाएं आवंटित की गईं। जिला विद्यालय निरीक्षक/ मुख्य नियंत्रक एनएल गुप्ता ने कहा कि प्रायोगिक परीक्षा चलने से ज्यादातर डीएचई नहीं आ सके। इसके चलते पहले दिन मूल्यांकन प्रभावित रहा। सोमवार से मूल्यांकन में तेजी आएगी। ज्ञात हो, इंटरमीडिएट की 64 हजार और हाईस्कूल की 96 हजार 660 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का लक्ष्य मिला है।