ज्ञानपुर नगर में शाम के समय हो रही बरसात। संवाद
जिले में बुधवार को दिनभर की तपिश के बाद शाम साढे पांच बजे 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। 18 लोगों की मौत हो गई।
वहीं 70 से अधिक पेड़ गिर गए। सभी मौतें पेड़, दिवार और खंभे की चपेट में आने से हुई। आंधी के कारण ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर नीम का पेड़ ट्रैक के ऊपर लगे 25 हजार वोल्ट के विद्युत तार पर गिर गया। इससे इस रूट पर सभी ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया। चार ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर रोकनी पड़ीं।
आंधी और तूफान से जिले की बिजली व्यवस्था भी बेपटरी हो गई। रामपुर घाट और नेवढि़या का पीपा पुल भी तेज हवाओं के कारण बह गया। ओले भी गिरे।
जिले में सुबह से ही तेज धूप थी। शाम को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज आंधी के बीच बारिश भी हुई। करीब 18 मिनट तक तेज आंधी चली। मौसम विभाग के अनुसार आंधी की रफ्तार करीब 80 किलोमीटर प्रतिघंटे थी।
कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के प्रभारी अजीत चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम में अचानक से बदलाव का कारण दो दिन में तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि रही है। जिसके कारण वायुमंडलीय दबाव बना और तेज हवाओं के साथ बारिश और तूफान की स्थिति बनी रही।
तेज आंधी से बुधवार को जिले भर में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। कम से 12 जगहों पर बिजली के खंभे और तार टूटकर गिर गए। वहीं चार से पांच हाईटेंशन टॉवर भी गिर गए।
आंधी रुकने के बाद बिजलीकर्मी राहत बचाव कार्य में जुट गए। 33000 हाई टेंशन के भी पांच खंभे गिर गए। बिजली गुल हो गई।