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17 चुनाव बीते, अपने दम पर कोई नहीं बन सका विधायक

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ज्ञानपुर। कालीन नगरी यानी भदोही जिले की तीनों विधानसभा सीटें हर चुनाव में चर्चा में रहती हैं। किसी सीट से पूर्व विधायक तो किसी सीट से पूर्व मंत्री के चुनाव मैदान में होने की वजह से खूब चर्चाएं होती हैं। उसी में खासा चर्चा निर्दलीय उम्मीदवार भी बटोरते हैं। यहां के इतिहास में अब तक कुल 17 बार चुनाव हो चुके हैं, लेकिन एक बार भी निर्दलीय उम्मीदवार के सिरपर सेहरा नहीं सजा। यानी अपने दम पर कोई विधायक नहीं बना। आलम तो यह रहा है कि राजनीतिक के मंझे हुए खिलाड़ी भी किसी न किसी राजनीतिक दल के सहारे ही सदन में पहुंचते हैं। इस बार के चुनाव में भी दो उम्मीदवार निर्दलीय रूप से मैदान में हैं।
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अब तक के हुए चुनावों पर नजर डालें तो 1952 में पहला चुनाव हुआ था। तब जिले की दो सीटें हुआ करती थीं। दोनों ही सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीते। उसके बाद 1957 के चुनाव में भी ज्ञानपुर से ही चुनाव हुआ तो कोई निर्दलीय उम्मीदवार नहीं जीता। परिसीमन के बाद 1962 के चुनाव में भदोही और ज्ञानपुर विधानसभा सीटों पर चुनाव कराया गया। इसमें ज्ञानपुर और भदोही दोनों सीटों से कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी हुए। 1967 के चुनाव में औराई सीट भी बढ़ गई। यानी तीन सीटों पर चुनाव कराया गया। इस बार औराई और भदोही से कांग्रेस और ज्ञानपुर सीट से भारतीय जनसंघ के उम्मीदवार ने विजय हासिल की। उसके बाद तीनों सीटों पर 2017 तक कुल 17 बार चुनाव हुए, लेकिन एक भी निर्दलीय नहीं जीता।
किस सीट से कितनी बार किसे विजय मिली
औराई विधानसभा सीट पर अब तक हुए चुनाव में तीन बार भाजपा, एक बार सपा, तीन-तीन बार बसपा और कांग्रेस, एक बार बीकेडी, दो बार जेएनपी, दो बार जेडी ने चुनाव जीता है। इसी तरह भदोही विधानसभा सीट से तीन-तीन बार सपा, भाजपा व कांग्रेस, दो-दो बार बीकेडी व बसपा, एक बार जेएनपी, एक बार जेडी और एक बार एलकेडी के उम्मीदवार जीते हैं। वहीं ज्ञानपुर सीट से कांग्रेस ने सात बार विजय हासिल किया है। तीन बार सपा, दो बार भाजपा व बसपा, बीकेडी, जेडी, बीजेएस व निषाद पार्टी के उम्मीदवार एक-एक बार चुनाव जीते हैं।
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