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पीएम आवास: नौ हजार परिवारों को नसीब हुई छत- प्लान

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ज्ञानपुर। गरीबों को पक्की छत मुहैया कराने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम काफी हद तक सफल होती दिख रही है। 2016 से अब तक तीन वित्तीय वर्ष में करीब नौ हजार परिवारों को प्रधानमंत्री आवास के तहत छत नसीब हो गई है, हालांकि 1700 से अधिक आवास अब भी निर्माणाधीन हैं। योजना में अब तक 121 करोड़ से अधिक की रकम खर्च हो चुकी है। ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की कृपा से पहली किस्त पाने वाले 550 अपात्रों से रिकवरी की कवायद चल रही है।
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आजादी के बाद से ही देश और प्रदेश की सत्ता में रहने वाली सरकारों की तरफ से गरीबों को आवास दिलाने के लिए योजनाएं चलाई गईं। कांग्रेस में इंदिरा आवास, सपा में लोहिया आवास, बसपा में महामाया आवास योजना लागू की। इसी तरह भाजपा सरकार में प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की। 2016 से शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले के नौ हजार से अधिक लोगों को पक्की छत मुहैया हो चुकी है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वित्तीय वर्ष 2016-17 में 5981 आवास लक्ष्य के मुकाबले सात हजार ने आवेदन किया है, जिसमें पांच हजार 933 लाभार्थियों को प्रथम किस्त के रूप में 40-40 हजार भेजा गया। उसके बाद जांच में करीब 550 लाभार्थी अपात्र मिले तो दूसरी किस्त में करीब पांच सौ कट गए और 5552 को ही धनराशि भेजी गई। तीसरी किस्त 5403 को गई, जिसमें 5402 आवास पूर्ण हुए। एक या दो आवास जमीन विवाद के चलते लटक गए। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2017-18 में 4196 आवास लक्ष्य के मुकाबले 3864 को पहली किस्त, 3429 को दूसरी किस्त और 3347 को तीसरी किस्त जारी की गई। इसमें 3340 आवास पूर्ण हो गए। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2018-19 में 2235 आवास लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 379 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि करीब 1700 आवास निर्माणाधीन हैं। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास की मॉनीटरिंग प्रशासन से लेकर शासन स्तर पर हो रही है। तीन वर्षों में नौ हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। अपात्रों से रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है।
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