ज्ञानपुर। परफार्मेंस ग्रांट पाने में जिले की 561 ग्राम पंचायतों में 559 फेल हो गईं। शासन से तय मानक पूर्ण नहीं कर पाने से जिले को मिलने वाली साढ़े चार करोड़ की रकम डंप पड़ी हुई है। 2014-15 और 2015-16 में ग्रांट पाने के लिए 17 पंचायतों ने आवेदन किया लेकिन उसमें दो पंचायते ही कुछ हद तक मानक पर खरी उतरीं। उन्हें ग्रांट देने के लिए पंचायत राज विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। हालांकि अब तक रकम नहीं मिल सकी। जबकि शेष ग्राम पंचायतों ने ग्रांट पाने के लिए आवेदन ही नहीं किया।
गांवों में विकास की रफ्तार बढ़ाने और एक- दूसरे के प्रति प्रतिस्पर्धा की भावना जगाने के लिए तीन साल पहले शासन स्तर से अलग से ग्रांट देने का निर्णय किया गया। इसमें बेहतर काम करने वाली ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त से जिले को मिलने वाली रकम का 10 फीसदी बजट आवंटित किया जाना था, लेकिन जिले की 561 ग्राम पंचायतों में 99 फीसदी मानक को पूर्ण नहीं कर सकीं। पंचायत विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 2016 में शुरू हुई योजना के लिए 17 ग्राम पंचायतों ने 2014-15 और 2015-16 के कार्य के आधार पर आवेदन किया। इसमें ज्ञानपुर ब्लॉक के मिल्की और पकरी कला गांव कुछ हद तक मानक पर खरी उतरीं। विभाग की ओर से ग्रांट देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि 14वें वित्त की दस फीसदी रकम को शासन स्तर से रोका जाता है। बेहतर कार्य करने वाली पंचायतो को उक्त रकम दिया जाता है। उन्होंने कहा कि 14वें वित्त से जिले को करीब 45 करोड़ रुपये सालाना मिलता है। परफार्मेंस न दे पाने से वह रकम डंप पड़ी है।
ज्ञानपुर। परफार्मेंस ग्रांट पाने के लिए ग्राम पंचायतों को अपनी खुद की आय दिखानी होगी जो साल दर साल बढ़ते क्रम में रहेगी। हर साल होने वाले विकास कार्यों के सभी अभिलेख दुरुस्त रखे जाएंगे। कार्ययोजना जीपीडीपी और सरकार की वेबसाइट पर शत प्रतिशत अपलोड रहेगी। ऑडिट में भी पंचायतों में कोई खामी नहीं आनी चाहिए।