भदोही। माहे रमजान का 24 वां रोजा बृहस्पतिवार को पूरा हो जाने के बाद बाजार में रौनक बिखरने लगी है। ईद की खरीदारी को लोग बाजार का रुख करने लगे हैं। अजिमुल्लाह चौराहे के अलावा कटरा बाजार में अस्थायी दुकानें लग चुकी हैं। दुकानों पर सजी नए-नए अंदाज की टोपियां रोजेदारों को आकर्षित कर रही है। दुकानदारी के लिए अब बाजार देर रात तक खुल रहे हैं। वैसे तो दुकानें चौरी रोड, स्टेशन रोड पर भी हैं, लेकिन मुख्य दुकानें कटरा बाजार और अजिमुल्लाह चौराहे पर खुलने से शाम को भीड़ उधर ही पहुंच रही है।
बाजार में अलिफ, जर्मन, अल-मदीना, सीरियाई, बंग्लादेशी, पाकीजा, जीनत, शेर खां, गोल टोपी आदि टोपियों की भरमार है। चीनी टोपियां सस्ती होने से उनका भी अलग मार्केट बन गया है। बतातें हैं भले ही चीनी टोपियां कम टिकाऊ हों लेकिन सस्ती होने से उनकी मांग भी अच्छी है। टोपियां रेशमी, सूती, प्लास्टिक की होने से लोगों की पसंद भी अलग अलग है। टोपियों में रंगों का भी महत्व है। सबसे अधिक सफेद टोपी की मांग रहती है। इसके बाद काली टोपी की मांग होती है। हालांकि जेब के मुताबिक लोग टोपियां खरीद रहे हैं, जिसमे सूती टोपी को खास तवज्जो मिल रही है।
मांग के मुताबिक ही सूती टोपी की कीमत भी अधिक है। बाजार में 35 रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक की टोपियां हैं। गर्मी का आलम देखते हुए इस बार महीन जालीदार टोपियां भी बाजार में आई हैं। ये सबसे सस्ती हैं। इनकी कीमत 35 रुपये से शुरू है। बहुत से लोग मस्जिदों में टोपी रखवाते हैं इसका लाभ राहगीरों को मिलता है। इसके लिए भी खरीदारी हो रही है। गर्मी में युवा सूती टोपियां पहनना पसंद करते हैं क्योंकि यह आसानी से हर साइज में मिल जाता है तथा कीमत भी अधिक नहीं होता। उम्रदराजों की बात करें तो वे सूती और बंगलादेशी टोपी के दीवाने हैं। टोपी के बाजार में रुमालों की मांग कम नहीं है। बहुत से लोग टोपी संग रुमाल भी खरीद रहे हैं। सफेद रुमाल हो तो सिर में फबता भी है।