भदोही। अनियमित रूप से असलहा लाइसेंस का आवेदन खारिज किए जाने के बाद उच्च न्यायालय की शरण में पहुंचे युवक के मामले में जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने नए सिरे से पुलिस विभाग से आख्या मांगी है। पुलिस अधीक्षक राजेश एस को भेजे गए पत्रावली में तीन दिन में आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया है। मामला भदोही कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिसुनपुर निवासी श्रीराम पांडेय पुत्र गिरजाशंकर का है। जिन्होंने 15 अक्टूबर 2018 को असलहा लाइसेंस के लिए आवेदन किया था।
पूरे मामले से अवगत कराते हुए वादी श्रीराम पांडेय ने बताया कि उनके आवेदन के क्रम में भदोही कोतवाली पुलिस ने एक ही तिथि (9 दिसंबर) को दो आख्या जारी की। एक में संस्तुति की गई जबकि दूसरे में संस्तुति नहीं की गई। दोनों आख्या लेकर वे पहले मंडलायुक्त के दरबार में पहुंचे जहां से राहत न मिलने पर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने नए सिरे से आवेदन करने और जिला प्रशासन को तीन महीने के अंदर उसका निस्तारण करने का निर्देश दिया। वादी ने बताया कि उसने पुन: 24 जनवरी 2019 को लाइसेंस के लिए आवेदन किया लेकिन उस पर जिला प्रशासन सुस्त बना रहा और तीन माह बीत गए। जिसके बाद उसने उच्च न्यायालय में जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल कर दी।
जिसके क्रम में गुरुवार को डीएम ने ताजा आदेश पारित करते हुए पुलिस अधीक्षक से याची के मामले में तीन दिन के अंदर आख्या देने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि आख्या देते समय उप्र शासन द्वारा तय शस्त्र लाइसेंस नियमावली का कड़ाई से पालन हो इसका विशेष ध्यान दिया जाए।