ज्ञानपुर। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं देशभक्ति के साथ रोजगार भी अर्जित करेंगी। शासन की ओर से विभाग को तीन लाख तिरंगा तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है, हालांकि विभाग डेढ़ लाख तिरंगा निर्माण की जिम्मेदारी 21 समूहों को सौंपी है। सभी को 10 अगस्त तक तिरंगा पूर्ण कर सौंपने के लिए कहा गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) में कुल 8250 समूह गठित हैं। जिनसे 80 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। अब 15 अगस्त को घर-घर तिरंगा लहराने की कवायद शुरू हो गई है। शासन के निर्देश पर एनआरएलएम विभाग को तीन लाख तिरंगा तैयार करने का लक्ष्य मिला है। मुख्य सचिव का पत्र आने के बाद प्रशासनिक अमला हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने में जुटा है।
तिरंगे तीन साइज में बनाए जाएंगे। इनकी कीमत 20 से लेकर 50 रुपये रखी गई है। प्रभारी उपायुक्त एनआरलएम आदित्य कुमार ने कहा कि समूहो को तिरंगा निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुरूआत में डेढ़ लाख तिरंगा तैयार करने के लिए कहा गया है। इससे समूह से जुड़ी महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा।