फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीनों विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे 15 पिंक बूथ

विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा देने और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए तीनों विधानसभा क्षेत्रों में पांच-पांच गुलाबी बूथ बनाए जाएंगे। इन बूथों पर भव्य सजावट होगी और इनकी कमान महिलाओं के हाथों में होगी। पीठासीन, प्रथम, द्वितीय और तृतीय मतदान अधिकारी महिलाएं ही होंगी। सुरक्षा के लिए महिला फोर्स की ही तैनाती की जाएगी।
विज्ञापन

महिलाओं का मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग भी हर संभव प्रयास कर रहा है। पूर्व की तरह इस बार के चुनाव में तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 15 पिंक बूथ बनाए जाएंगे। पिंक बूथ बनाने का यही उद्देश्य कि जो महिलाएं घर से नहीं निकलती हैं, वे बेधड़क इन बूथों पर आकर मतदान कर सकेंगी। इससे मतदान का प्रतिशत भी बढ़ेगा। महिलाओं ने हर क्षेत्र में परचम लहराया है। परंतु राजनीति में उनकी भागीदारी अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं आज भी खेती और घरों के कामकाज में उलझी रहती हैं, उनसे मतदान की बात की जाए तो केंद्रों तक आने से बचती हैं। तमाम महिलाएं लोकतंत्र में अपने मत का मूल्य भी नहीं समझ पाती हैं। चुनाव आयोग ने महिलाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ही पिंक बूथों का निर्माण शुरू कराया है। इसके लिए भदोही, ज्ञानपुर, औराई विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर जहां महिला मतदाताओं की संख्या अधिक होगी, वहीं एक बूथ महिला बूथ के नाम यानि गुलाबी बूथ होगा। बूथों पर भव्य सजावट की जाएगी। बूथ गुब्बारे, पर्दे, फूल, तोरण द्वार आदि से सुंदर बनाए जाएंगे। ताकि महिलाएं आएं तो केंद्र को देखकर आकर्षित भी हों और अपने मत के महत्व को समझें। बूथों की सजावट में जो भी सामान प्रयोग होगा, वह गुलाबी रंग का ही होगा, ताकि ये बूथ अलग ही दिखें। यहां पीठासीन अधिकारी से लेकर मतदान कार्मिक तक सभी महिला कर्मचारी ही रहेंगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेंद्र मिश्र ने कहा कि महिलाओं का मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए पिंक बूथों का चलन शुरू हुआ है। पिछले चुनावों में इसका काफी असर रहा है। इस बार भी प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चुनाव आयोग के निर्देश पर पांच-पांच पिंक बूथ बनाएं जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें