ज्ञानपुर। गोंड समुदाय, छात्रों, युवाओं, किसानों आदि के उत्पीड़न के मसले पर केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने औराइ्र तहसील में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गोंड समुदाय के लिए तहसीलों से जारी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को अनधिकृत रूप से निरस्त किया जा रहा है। सरकारें गूंगी-बहरी बनी बैठी हैं।
गोगपा के जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार गोंड की अगुवाई में तहसील पहुंचे दर्जनों लोगों ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया। नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सत्ता के लालच में सरकार में बैठे लोग गोंडवाना के इतिहास को मिटाने पर तुले हैं। जबलपुर से निजामुद्दीन तक चलने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस का नाम बदलकर केवल जबलपुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस कर दिया गया। बतौर मुख्य अतिथि रंगलाल गोंड ने कहा कि गोंड जाति के प्रमाण पत्र और संवैधानिक अधिकारों से इस समुदाय को सुनियोजित ढंग से वंचित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सभी प्रकार के गुटखा, शराब, भांग, गांजा आदि पर प्रतिबंध लगाकर यूपी को नशामुक्त करने की मांग की। साथ ही ईवीएम पर रोक लगाकर मतपत्र से चुनाव कराने की मांग की गई। कहा कि छुट्टा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए सभी जिलों में गोशाला का निर्माण कराया जाए और बिना किसी भेदभाव के किसानों का ऋण माफ किया जाए। अंत में प्रधानमंत्री को संबोधित नौ सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया। इस मौके पर सत्य नारायण गोंड, राम बालक गोंड, नागेश कुमार गोंड, कार्तिकेय गोंड, प्रमोद गोंड, शिवलाल गोंड, पारसनाथ गोंड, कमलेश गोंड, राजकिशोर, रमेश गोंड, रमाशंकर, मनोज गोंड आदि मौजूद रहे।