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अध्यादेश लाकर नौकरी बचाने की लगाई गुहार

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ज्ञानपुर (भदोही)। शिक्षक पद पर समायोजन रद होने से नाराज शिक्षामित्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को शिक्षामित्र पटेल नगर से पैदल मार्च करते हुए बीएसए कार्यालय पहुंचे। यहां धरना देकर विरोध दर्ज कराया। पीएम और सीएम को संबोधित ज्ञापन बीएसए को सौंपा। सरकार से मांग की कि कानून बनाकर शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर बहाल करें। धरने के दौरान एक शिक्षामित्र गर्मी से अचेत हो गया। जिला अस्पताल में उसका उपचार कराया गया।
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संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सोमवार को सैकड़ों शिक्षामित्र पटेल नगर स्थित हॉस्टल चौराहे पर पहुंचे। यहां से शिक्षामित्र एकता जिंदाबाद जैसे नारे लगाते हुए पैदल मार्च निकाला। हॉस्टल चौराहे से शुरू हुआ पैदल मार्च बीएसए कार्यालय तक गया। यहां पर धरना देकर शिक्षामित्रों ने अपनी आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष क्रांतिमान शुक्ला ने कहा कि सूबे में शिक्षकों की कमी देखते हुए कल्याण सिंह की सरकार में गांवों में तीन हजार के अल्प मानदेय में शिक्षामित्र रखे गए थे। उस समय से लेकर अब तक शिक्षामित्र प्राथमिक शिक्षा में काम करते रहे। पिछली सरकारों ने राजनीतिक लाभ के लिए उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया। शिक्षामित्रों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्री ज्ञापन बीएसए को सौंपा। इसमें अनुच्छेद नौ के तहत कानून बनाकर सहायक अध्यापक पद पर बहाल करने, विकल्प के तौर पर सहायक अध्यापक के समकक्ष वेतन पर सहायक शिक्षा पद पर बहाली, सरकार की ओर से सहायक अध्यापक के पद पर बनाए रखने के लिए अध्यादेश लाने की मांग की। धरने के दौरान शिक्षामित्र ओमप्रकाश गर्मी से अचेत हो गया। उसका उपचार जिला अस्पताल में कराया गया। संगठन के संरक्षक श्यामजी दूबे ने बताया कि एक अगस्त को शिक्षामित्र औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर को ज्ञापन सौंपेंगे। धरने में उमा त्रिपाठी, बीनू तिवारी, शाहनवाज खां, प्रमोद पाठक, आरती मालवीय आदि शामिल रहे।
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