न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय (प्रथम) सुबोध सिंह की अदालत ने प्रेतबाधा दूर करने (अंधविश्वास) के नाम पर युवती से दुष्कर्म करने के दोषी को 14 साल कैद की सजा सुनाई। वहीं दोषी पर 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
कोईरौना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि पाखंडी मोतीलाल चमार ने प्रेतबाधा दूर करने के नाम पर पहले उनसे पैसे लिए और उसके बाद उनकी बेटी को एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोषी मोतीलाल चमार निवासी कलिंजरा को युवती के साथ दुष्कर्म का दोषी पाया। कोर्ट ने दोषी को 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 16 हजार रुपये जुर्माना लगाया।