ज्ञानपुर। हाईवे को छोड़ जिले के अधिकतर मार्गों पर संकेतक नहीं हैं। इससे ठंड में कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ जाएंगी। वैसे तो नौ ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं, लेकिन जहां-तहां बने अवैध कट हादसे का मुख्य कारण बनते हैं। कई स्थानों पर संकेतक या तो झाड़ियों में छिप गए हैं या मिट गए हैं।
जिले में धीरे-धीरे ठंड बढ़ रही है। आने वाले दिनों में कोहरा बढ़ना तय है। ऐसे में रोड पर बनी सफेद पट्टी चालकों के लिए वाहन संचालन में सहायता करती है। नेशनल हाईवे पर तो ठीक है, लेकिन जिले की अधिकतर सड़कों से सफेद पट्टी गायब है।
सबसे खराब हालत लिंक मार्ग से जुड़ने वाली ग्रामीण सड़कों की है। जहां पर संकेतक ही नहीं लगे हैं।
कई सड़कों पर तो सफेद पट्टी तक धुंधली हो चुकी हैं। इसके अलावा जानकारी देने वाले सांकेतिक चिह्न गायब हो चुके हैं। कुछ चिह्न के बोर्ड तो बड़ी-बड़ी झाड़ियों में छुप गए हैं।
चौरी-ममहर मार्ग पर लठियां नहर के पास चौराहे पर कोई संकेतक नहीं है। यहीं हाल वहिदानगर से धनतुलसी मार्ग, ज्ञानपुर- दुर्गागंज मार्ग से कठौता मार्ग समेत कई सड़कों का है।
कौलापुर से सेमराध जाने वाली 13 किमी लंबी सड़क के दोनों किनारों पर करीब 15 से अधिक गांव बसे हैं। संकेतक आदि न होने से अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। यहीं नहीं हाईवे पर कई स्थानों पर बने अवैध कट भी हादसे का मुख्य कारण हैं। वहिदानगर, जंगीगंज, महराजगंज में भी कई स्थानों पर अवैध कट पर अक्सर दुर्घटनाओं में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।
सर्दी में कोहरा छाने के बाद दृश्यता काफी कम हो जाती है। दिन में यह 20 से 50 मीटर तक रहती है तो रात को 20 मीटर से भी कम हो जाती है। इससे सड़कों पर बने अंधे मोड़ वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन सकते हैं।