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कोहरे के रहम ने बढ़ाया आलू उत्पादन, किसान खुश

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ज्ञानपुर। इस बार मौसम की मेहरबानी और कोहरा नहीं पड़ने से आलू किसानों की बल्ले-बल्ले हैं। कम लागत में अच्छा उत्पादन से किसान उत्साहित हैं। पिछले वर्ष पाला पड़ने से आलू किसानों को घाटा उठाना पड़ा था। इस बार आलू उत्पादन का लक्ष्य 9200 मीट्रिक टन (एमटी) रखा गया है। अब तक लगभग आधी खुदाई में 46 सौ एमटी आलू का उत्पादन हुआ है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो इस बार मौसम की मेहरबानी और झुलसा रोग न लगने के कारण आलू का अच्छा उत्पादन होगा।
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पिछले वर्ष के मुताविक इस बार आलू उत्पादन में बढ़ोतरी से किसान गदगद हैं। इस बार जिले में चार सौ हेक्टेयर में आलू की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले 410 हेक्टेयर में आलू की फसल बोई गई। वहीं 9200 एमटी उत्पादन का लक्ष्य दिया गया था। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2018 तक 50 फीसदी आलू की खोदाई हुई है। इसमें 4600 एमटी आलू का उत्पादन हो चुका है। मौसम के रुख को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार आलू का बेहतर उत्पादन होगा। विभाग लक्ष्य के मुकाबले ज्यादा उत्पादन की बात कह रहा है। उत्पादन बढ़ने से आलू भंडारण को लेकर किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। सुरियावां स्थित मेसर्स घनश्याम कोल्ड स्टोरेज जिले के एक मात्र आलू भंडारण केंद्र हैं, जिसकी क्षमता 73759 क्विंटल है। पिछले वर्ष इसमें जिलेभर के किसानों ने कुल 30 हजार क्विंटल ही आलू का भंडारण किया था। जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र देव दुबे ने बताया कि जिले में आलू उत्पादन के मुकाबले भंडारण के लिए स्थान ज्यादा है। क्योंकि जिले के ज्यादातर किसान अपनी जरूरत के मुताबिक आलू उत्पादन कर उसे घर पर ही रखते हैं। क्षेत्र के तेजीपुर गांव निवासी किसान दीनानाथ ने बताया कि पिछले बार की अपेक्षा इस बार आलू का उत्पादन काफी अच्छा हुआ है। क्षेत्र के भिदिउरा गांव निवासी शाशि पाठक ने बताया कि इस बार मौसम की मेहरबानी और झुलसा रोग नहीं लगने से आलू की पैदावार बढ़ी है। वहीं भगवानपुर गांव निवासी कल्लू उपाध्याय ने बताया कि पिछले वर्ष दवा छिड़काव के बावजूद झुलसा रोग लगने से आलू की पैदावार नहीं हो पाई थी। इस बार कोहरा नहीं पड़ने से बिना दवा छिड़काव और कम लागत से आलू की अच्छी खेती हुई है।
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