ज्ञानपुर। लोकसभा चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए आयोग की ओर से कवायद तेज कर दी गई है। इस बार चुनाव आयोग ने आम मतदाता के हाथ में सी-विजिल ऐप का हथियार दिया है, जिससे आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर आयोग का डंडा चल सके। चुनाव के दौरान चलने वाले दावतों के दौर और प्रलोभनों पर कोई भी मतदाता नजर रख सकेगा और सी विजिल ऐप के माध्यम से आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना निर्वाचन आयोग को दे सकता है। लोगों की सूचना पर आयोग आसानी से कार्रवाई कर सकेगा।
स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने सी विजिल ऐप लांच किया है। इस ऐप के माध्यम से कोई भी नागरिक आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना आयोग में कर सकता है। यह ऐप निर्वाचन घोषणा की तिथि से प्रारंभ होकर मतदान की तिथि तक सक्रिय रहेगा। कहा जा रहा है कि सी-विजिल ऐप चुनावी गड़बड़ियों पर नियंत्रण रखने में सहायक होगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राम सिंह वर्मा ने बताया कि अधिकारियों को जानकारी दी गई है। इसको प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के बाद प्रयोग में लाया जा सकता है। ऐप के माध्यम से पुराने वीडियो और फोटो आदि न भेजे जा सकें, इसका भी ध्यान रखा गया है। ऐप पर ही फोटो एवं वीडियो बनाने की सुविधा दी गई है। यानी जो वीडियो ऐप पर बनेगा, उन्हीं को डाउनलोड किया जा सकेगा। शिकायत मिलते ही जीपीएस की मदद से उस स्थान की पहचान कर ली जाएगी। शिकायत दर्ज कराने के बाद शिकायतकर्ता को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिसकी मदद से वह आगे की कार्रवाई भी जान सकेगा। शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद यह सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को भेजी जाएगी। वहां से यह डाटा संबंधित टीम को भेजा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
उधर, चुनाव में प्रयोग किए जाने वाले सी विजिल ऐप के माध्यम से मिलने वाली शिकायत पर आयोग की ओर से त्वरित कार्रवाई होगी। इस ऐप के लिए कैमरा, इंटरनेट कनेक्शन और जीपीएस वाला स्मार्ट फोन जरूरी है। आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित शिकायत के लिए व्यक्ति को घटना की तस्वीर या अधिक से अधिक दो मिनट का वीडियो रिकार्ड कर भेजना होगा। इसमें शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाएगी। सबूत आधारित शिकायत का निस्तारण अधिकतम 100 मिनट में कर दिया जाएगा।