ज्ञानपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज हत्या के आरोप में पति समेत चार लोगों को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला चौरी थानाक्षेत्र के दानूपट्टी गांव का है। तीन साल पूर्व हुई घटना में बृहस्पतिवार को न्यायालय ने यह निर्णय सुनाया।
अभियोजन पक्ष से सूर्यकांत दूबे पुत्र ताड़कनाथ दूबे निवासी दानूपट्टी चौरी ने आरोप लगाया था कि उसकी लड़की साधना देवी का विवाह 25 जून 2007 को संतोष पांडेय पुत्र हर्ष नारायण पांडेय, निवासी भोरी- महजूदा गांव के साथ हुआ था। शादी के समय काफी सामान दिया गया था, लेकिन उसके पति, सास, ससुर और ननद मिलकर सोने की सिकड़ी और अंगूठी के लिए लड़की को प्रताड़ित करते थे। कई बार मैंने समझा-बुझाकर शांत कराया था, लेकिन वह लोग नहीं माने। 18 मई 2014 को मेरी लड़की को सभी लोग मिलकर मिट्टी का तेल छिड़ककर जलाकर मार दिया। आरोपियों के खिलाफ थाना सुरियावां में दहेज हत्या समेत कई धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। साक्ष्य एकत्र होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया था। जहां न्यायाधीश मृदुल कुमार मिश्रा की अदालत ने दोषी पति संतोष पांडेय, ससुर हर्ष नारायण पांडेय, सास रीता देवी और ननद पिंकी देवी को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास और 30-30 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने की।