फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए 30 अप्रैल तक अभियान चलेगा। इसमें छह से 15 अप्रैल तक जिले के 546 गांवों में विशेष कैंप लगवाए जाएंगे। अभी तक जिले के 12 हजार किसानों ने अपनी फार्मर रजिस्ट्री आईडी नहीं बनवाई है। भविष्य में जिन किसानों के पास आईडी नहीं होगी।
उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा। बृहस्पतिवार को उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने चार गांव में पहुंचकर शिविर का निरीक्षण किया। शासन की ओर से किसानों के डिजिटल डेटाबेस तैयार कराने के लिए फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा रही है, जिसके लिए कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने के साथ ही गांव-गांव शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा सके। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में एक लाख 82 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बननी है।
सरकार की मंशा है कि जल्द ही फार्मर रजिस्ट्री को गेहूं की खरीद, उर्वरक एवं खाद की बिक्री, केसीसी लोन तथा पीएम किसान सम्मान निधि के लाभ से भी जोड़ने की है। ऐसे में जिन किसानों के पास आईडी नहीं होगी, वह इन्हीं सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं। किसान आईडी बनवाने के लिए जन सेवा केंद्र जा सकते हैं। इसके अलावा पंचायत सहायक, कृषि विभाग के तकनीकी सहायक से संपर्क किया जा सकता है। डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार को उप कृषि निदेशक डॉ. अश्वनी सिंह ने अभोली ब्लॉक के दानूपुर पश्चिमपट्टी, खरगपुर, विशौली कृपालपुर और सदौपुर में शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान कर्मचारियों को आईडी बनाने में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि एक लाख 55 हजार 500 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन चुकी है। कुल एक लाख 82 हजार की बनानी है। इसमें कई अपात्र भी मिल रहे हैं। 12 हजार किसानों की आईडी बननी है। 15 अप्रैल तक विशेष कैंप भी गांवों में लगवाए जा रहे हैं। उन्होंने अपील किया कि सभी किसान अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं।