सुरियावां। स्वच्छ भारत मिशन को लेकर शासन और प्रशासन जहां गंभीर है, वहीं सुरियावां के ऐतिहासिक बावन बीघा तालाब गदंगी से पटता जा रहा है। इसको लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारियों ने कहा कि गंदगी से तालाब के अस्तित्व पर संकट आ गया है।
काशी नरेश के शासनकाल में राजा अचल सिंह ने सुरियावां नगर के उत्तरी छोर पर 52 बीघे का तालाब स्थापित कराया था। राजा के समय से ही उत्तरी भीटे पर हनुमान जी का मंदिर है। इसी तरह उत्तरी भीटे पर मां दुर्गा, शिवजी का मंदिर के साथ ही कई देव स्थान है। दशकों से अतिक्रमण की जद से कराह रहे उक्त तालाब पर अब गंदगी फैलाई जा रही है। नगर पंचायत की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सफाईकर्मी तक उक्त तालाब के समीप गंदगी फेंक रहे हैं। प्रशासन और नगर पंचायत की ओर से ध्यान न देने से धीरे-धीरे तालाब अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। व्यापारी जतन कुमार गुप्ता ने कहा कि उक्त तालाब का सुंदरीकरण कराया जाए तो पर्यटन स्थल बन सकता है। तालाब पर बौद्ध बिहार, कर्बला भी स्थापित है। व्यापारी छेदीलाल गुप्ता, चंदन जायसवाल और व्यापारी राजेश हलवाई ने जिला प्रशासन और नगर पंचायत से मांग किया कि तालाब के आसपास सुंदरीकरण का कार्य कराया जाए। वहां फेंकी जा रही गंदगी को रोका जाए।