अपर सत्र न्यायाधीश शैलोज चंद्रा की अदालत ने मंगलवार को नौ साल पुराने मामले में आठ दोषियों को 10 साल कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी पर 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
गोपीगंज कोतवाली के सीखापुर में नौ साल पहले दोषियों ने लाठी-डंडे से लैस होकर एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया था। जिसमें उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
गोपीगंज कोतवाली के सीखापुर में तीन दिसंबर 2016 को दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। मारपीट में एक पक्ष से मजरूब गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। मृतक के बेटे ने मुन्नालाल, कंपोटर, रामलोलारख, सुनील कुमार, शिवचरन, नंद लाल, विजय और शिव कुमार उर्फ मुसई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने विवेचना के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। जिस पर सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश शैलोज चंद्रा की अदालत ने सभी आठ दोषियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। कोर्ट ने सभी को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। वहीं सभी पर 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।