ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए राजकीय बीज केंद्रों पर आयोजित तीन दिवसीय शिविर में सिर्फ 10 फीसदी किसानों को ही लाभ मिल सका। 11 हजार किसानों में से आठ सौ की खामियां ही सुधारी जा सकीं। इससे अब भी 10 हजार किसानों को योजना का लाभ पाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम किसान सम्मान निधि योजना दिसंबर 2018 से शुरू हुई। अब तक सात किस्तों में लाभार्थियों को 14-14 हजार रुपये मिल चुके हैं। जिले में पंजीकृत दो लाख 10 हजार किसानों में करीब 1.99 लाख को योजना का लाभ मिल रहा है, लेकिन 11 हजार किसान अब भी लाभ का इंतजार कर रहे हैं। खतौनी, खाता संख्या सहित अन्य कागजी खामियों के कारण लाभ न पाने वाले किसानों के लिए सोमवार से बुधवार तक राजकीय कृषि बीज भंडारों पर पीएम किसान समाधान दिवस का आयोजन किया गया। पहले दिन 615 प्रार्थना पत्र आए। इसमें 403 का निस्तारण किया गया, जबकि 212 लंबित रह गए। दूसरे दिन कुल 675 प्रार्थना पत्र आए, जिनमें 245 निस्तारित किए गए, जबकि 430 मामले लंबित रह गए। तीसरे दिन 550 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें 150 का निस्तारण हो सका।
उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए तीन दिनों का शिविर आयोजित किया गया। इसमें कम संख्या में ही किसान पहुंचे। जो किसान शिविर में नहीं आए, वह घरांव स्थित कार्यालय और राजकीय कृषि बीज भंडारों पर सुधार के लिए आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक देकर सुधार करा सकते हैं।