बस्ती। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाकों का मौसम बदल दिया है। कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पहाड़ों से चल रही बर्फीली हवाओं ने सूरज की तपिस को कम कर दिया है। इसकी वजह से पूरे दिन कंपकंपी छूट रही है। लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। हल्की धूप बेअसर साबित हो रहा है। पछुआ हवा से गलन बढ़ने के कारण ठंड से बचाव के लिए लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
पिछले एक सप्ताह से ठंड पड़ रही है। शनिवार को सात से नौ किलोमीटर की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने शहर को कंपा के रख दिया। हवा चलने के बाद भी दोपहर तक कोहरा छाया रहा, हवा के चलते गलन का अहसास होता रहा। दोपहर में कोहरा छंटने पर सूरज के दर्शन भी हुए। दिन का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ठंड के चलते शहर के मुख्य बाजारों में आम दिनों के मुकाबले भीड़ कम रही। बाजारों में दुकानों के आगे लोग अलाव जलाकर हाथ सेंकते रहे।
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फिजीशियन डॉ. अंकित चतुर्वेदी ने बताया कि ऐसे मौसम में एलर्जीकल जैसे सांस, दमा, सर्दी, जुखाम, लकवा और बीपी आदि बीमारियों के होने की आशंका अधिक रहती है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहने, बहुत जरूरी कार्य हो तभी घर से बाहर निकलें। गुनगुना पानी का सेवन करना। अधिक दिक्कत होने पर डॉक्टर से मिलकर सलाह लें। अपने मन से दवा न लें। ऐसे मौसम में सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को होती है। क्योंकि उनके भीतर बीमारी से लड़ने की क्षमता कम होती है। इस लिए उन्हें ठंड बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतना चाहिए।