बच्चों ही नहीं पूरे परिवार के लिए यह रविवार ‘सुपर संडे’ से कम नहीं रहा। सुबह से ही धूप खिली तो पारा भी ऊंचाइयों की तरफ भागने लगा। दोपहर हुई तो पूरा परिवार छत पर नजर आने लगा। बच्चों ने पार्कों और खेल मैदानों में बैट, बल्ले से धमक दिखाई।
करीब 15 दिन से धुंध और कोहरे के कारण सूर्य की किरणें बेअसर साबित हो रही थीं। इस दौरान ठंडी हवाओं के चलने ठिठुरन बढ़ गई थी। लेकिन शनिवार से ही महौल खुशनुमा बनना शुरू हो गया। रविवार को तीखी धूप देखकर बीमार और बुजुर्गों के भी चेहरे खिल गए। महिलाएं भी सारे कपड़े छतों पर लेकर पहुंच गई। अवकाश के कारण परिवार के ज्यादातर सदस्यों ने फुर्सत में छत पर ही दिन गुजारा। रविवार सुबह अधिकतम तापमान 16, दोपहर में 24 तो शाम को 19 पर पहुंच गया। इस दौरान न्यूनतम तापमान भी 10 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 11.5 पर पहुंच गया। आर्द्रता भी घटकर 51 फीसदी आ पहुंची।
हवाओं में गति नहीं होने से दोपहर दो बजते बजते धूप चटख होने से लोग छांव की ओर चल दिए। बच्चों ने पार्कों से लेकर खेल मैदानों और घर की छतों पर दिनभर धमा चौकड़ी की। मौसम विशेषज्ञ डा. पद्माकर त्रिपाठी ने बताया कि हवाओं का रुख ऐसे रहा तो आगे भी मौसम साफ रहेगा। तापमान में थोड़ी वृद्धि का भी अनुमान है।