नहर न चलने से किसानों को खेत की सिंचाई निजी संसाधनों का करना पड़ता है इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
विक्रमजोत। भौसिया गांव में सरयू नदी पर स्थापित चौधरी चरण सिंह पंप नहर अयोध्या इस बार भी सूखी है। बारिश के दिनों को छोड़कर नहर के पानी के लिए किसानों को तरस जाना पड़ता है। इस क्षेत्र में गन्ना, गेहूं, धान सहित अन्य फसलें अक्सर सूखे का शिकार हो जाती हैं। नहर न चलने से किसानों को खेत की सिंचाई निजी संसाधनों से करनी पड़ती है। पंप नहर सरयू नदी में बाढ़ आने पर ही चलता है।
हर्रैया व सदर तहसील क्षेत्र में इस नहर का 267 किमी संजाल है। किसानों की जरूरत पर यह नहर सूखी ही रहती है। यदि सरयू नदी में समय से बाढ़ आ गई तो खरीफ के मौसम में ही सिंचाई हो पाती है। रबी के सीजन में यह नहर सूखी ही रहती है। वर्ष 1999 में जब इस पंप कैनाल की स्थापना व इससे जुड़ी नहरों की खुदाई की कार्ययोजना बनी तो क्षेत्र के किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी। योजना के तहत भौसिया गांव में सरयू नदी की सहायक टेढ़ी नदी पर पंप कैनाल का निर्माण किया गया है।
इस नदी में वर्ष में कुछ ही महीने पानी रहता है। नदी से पंप कैनाल के टेल तक पानी पहुंचने की राह में सिल्ट का रोड़ा है। 2007 के बाद टेढ़ी नदी व पंप कैनाल के बीच की सिल्ट हटाई ही नहीं गई। इस वर्ष भी इस कार्य के लिए बजट नहीं दिया गया। विक्रमजोत विकास खंड के साथ ही दुबौलिया, परशुरामपुर व कुदरहा विकास खंड के 47000 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने की व्यवस्था है। सीजन में पंप कैनाल न चलने से किसान माथा पीटने के अलावा कुछ नहीं कर पाते हैं। यहां के किसान खुद से सिंचाई का इंतजाम न करें तो सरकारी व्यवस्था से भूखों मरने की नौबत आ जाएगी।
स्थानीय किसान देवेंद्र सिह, राजेंद्र सिंह, ओमप्रकाश तिवारी, राजकुमार दूबे, बृजलाल गुप्ता, जगदंबा प्रसाद तिवारी, प्रमोद तिवारी, छोटेलाल यादव आदि का कहना है कि इस नहर से कोई लाभ नहीं है। चौधरी चरण सिंह पंप नहर किसानों के लिए निष्प्रयोज्य साबित हो रही है। जनता का करोड़ों रुपये पानी में चला गया। जब खेत में सिंचाई की आवश्यकता होती है तो यह नहर सूखी रहती है।
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चौधरी चरण सिंह अयोध्या पंप नहर भौसिया
निर्माण वर्ष -1999-2000
संचालन वर्ष-2004-05
क्षमता- 600 क्यूसेक
कुल जल वितरण प्रणाली -267 किमी.
मेन नहर की लंबाई -49.50 किमी.
रजवाहे और अल्पिकाएं -217.50 किमी.
सिंचित क्षेत्रफल -47000 हेक्टेयर
लाभान्वित विकास खंड विक्रमजोत, परशुरामपुर, कप्तानगंज, दुबौलिया व कुदरहा
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कोट
टेढ़ी नदी की सिल्ट सफाई के लिए कोई योजना नहीं है। सरयू नदी पर बैराज बनाने के लिए प्रस्ताव है। बैराज बन जाएगा तो नहर दोनों सीजन में चलेगी।
एके चौधरी, अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड अयोध्या