1902898 मतदाता नौ उम्मीवारों की तय करेंगे चुनावी तकदीर, 11750 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लोकसभा निर्वाचन के लिए शुक्रवार सुबह से मतदान पार्टियां रवाना होंगी। राज्य कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में सभी मतदान कर्मियों को पहुंचने को कहा गया है। कुल 2151 पोलिंग पार्टियों के 11750 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्हें ले जाने के लिए 626 बड़े तथा 593 छोटे वाहनों की व्यवस्था की गई है। 2151 ईवीएम व वीवी पैट मशीनों को भी पोलिंग पार्टियों के हवाले किया जाएगा। हर्रैया विधानसभा क्षेत्र में 526, कप्तानगंज में 497, रुधौली में 593, सदर में 520 तथा महादेवा विधानसभा क्षेत्र में 551 ईवीएम का प्रयोग किया जाना है।
पोलिंग पार्टियों की रवानगी स्थल पर बैरिकेडिंग कराई गई है। विधानसभावार काउंटर बनाए गए हैं। 25 मई को जिले के 1482 मतदान केंद्रों पर 19.2898 लाख मतदाता नौ प्रत्याशियों के चुनावी भाग्य का फैसला करेंगे। जिले के 182 क्रिटिकल मतदान केंद्रों और 254 मतदेय स्थलों व 17 वल्नरेबुल केंद्र और 18 वल्नरेबुल मतदेय स्थलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पैरामिलिट्री फोर्स के जिम्मे रहेगी। इसके लिए 18 कंपनी सीपीएमएफ (एसएसबी, सीआरपीएफ,सीआईएसएफ, पंजाब आर्म्ड पुलिस फोर्स) मंगाई गई है। पुलिस विभाग की क्यूआरटी टीमें लगातार भ्रमणशील रहेंगी, जो किसी भी सूचना पर मतदान केंद्रों पर पहुंच जाएंगी। 126 सेक्टर, 16 जोन और चार सुपर जोनल और मजिस्ट्रेटों के वाहनों को जीपीएस से लैस किया गया है, ताकि उनकी रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सके। रूट को भी जीपीएस पर फीड कराया गया है, जिससे फोर्स को भी मतदान केंद्रों पर पहुंचने में दिक्कत न हों।
जिला निर्वाचन अधिकारी अंद्रा वामसी ने बताया है कि मतदान के दिन मतदान केंद्र के अंदर किसी भी मतदान अभिकर्ता (एजेंट), मीडिया के प्रतिनिधि या किसी भी प्रत्याशी को मोबाइल लेकर जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। मतदान केंद्र के भीतर की कोई फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी नहीं होगी। साथ ही सुरक्षाकर्मी भी मतदान केंद्र के बाहर सुरक्षा का कार्य देखेंगे तथा मतदान केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं करेंगे।
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शाम छह बजते ही थम गया प्रचार
- बृहस्पतिवार शाम छह बजते ही लोकसभा सामान्य निर्वाचन के छठवें चरण का प्रचार समाप्त हो गया। हालांकि प्रत्याशियों और समर्थकों की दौड़-भाग तेज हो गई है। मोहल्ले, कस्बे और विधानसभा वार मतदाताओं को रिझाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। वोट के लिए आपत्तिजनक प्रयोग पर रोकथाम लगाने के लिए प्रशासन भी कमर कसे हुए हैं। माना जा रहा है कि प्रशासन और प्रत्याशियों के बीच आंख मिचौली का खेल खूब होगा। हर खेमे में अंतिम रात वोट मैनेज करने की तैयारी अलग-अलग की गई है। अब देखना है शह और मात के इस खेल में कौन बाजी मारेगा।