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Basti News: माैसेरे भाई की शादी में आ रहा था विजय उन्नाव में थम गया जिंदगी का सफर

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कप्तानगंज। माैसेरे भाई की शादी में शामिल होने आ रहे थाना क्षेत्र के फेरसहन गांव के विजय की मंगलवार को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर हुए बस हादसे में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन उन्नाव के लिए रवाना हो गए। घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के फेरसहन (गोविंदपारा) गांव के रहने वाले विजय कुमार 24 वर्ष दिल्ली के मिलिट्री कैंप में आउट सोर्सिंग पर काम करता था। सोमवार की रात 10 बजे वह घर आने के लिए दिल्ली के कश्मीरी गेट से दिल्ली से बिहार जाने वाली डबल डेकर बस में बैठा था। मंगलवार को भोर में पांच बजे जैसे ही बस उन्नाव जिले के औरास थाना क्षेत्र के निकट लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर उन्नाव के निकट बस चालक को झपकी आ गई जिससे बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा पलट गई। विजय कुमार बस के नीचे आ गया उसका पैर कटकर अलग हो गया। उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इधर घटना के बाद विजय कुमार का मोबाइल नहीं उठ रहा था जिससे परिजन परेशान हो गए। काफी देर तक उसका लोकेशन नहीं मिला। सुबह 10 बजे जब सोशल मीडिया के जरिये परिजनों को हादसे की सूचना मिली तो उसके परिवार में कोहराम मच गया। कुछ देर बाद एसओ कप्तानगंज ने हादसे की सूचना परिजनों को दी। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया। परिजनों की चीख पुकार सुनकर गांव के लोग जुट गए। मृतक विजय कुमार बड़ा ही मिलनसार था। हादसे में उसकी मौत की सूचना के पर गांव के लोग जुट गए और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। उन्नाव पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया। विजय कुमार के बड़े भाई अजय कुमार ने बताया कि उन्नाव पुलिस प्रशासन ने पूरा सहयोग किया। विजय की मौत से टूट गया परिवार, हादसे ने छीन ली परिवार की खुशियां : सड़क हादसे में विजय की मौत से पूरा परिवार टूट गया। पलं भर में ही घर की सारी खुशियां बिखर गई। जिस घर में बेटे का रात से आने का इंतजार हो रहा था उस घर में चारों तरफ परिजनों की चीख पुकार सुनने को मिल रही थी। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के फेरसहन गांव के रहने वाले विजय कुमार के पिता रामजीत मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा करते हैं। उनकी पत्नी सिर्जना देवी घर पर रहती हैं। बड़ा भाई अजय कुमार भी मजदूरी करता हैं। विजय कुमार पढ़ाई करने के बाद दिल्ली चला गया था तीन साल पहले वह मिलिट्री कैंप में आउट सोर्सिंग के जरिये काम करने लगा था।
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कम समय में ही उसने घर की हालत सुधार दिया था। लेकिन एक झटके में ही सबकुछ बिखर गया। पोते की मौत की खबर की सूचना मिलने के बाद बाबा बिरे की आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। परिजनों ने बताया कि विजय कुमार दिल्ली से एक सप्ताह की छुट्टी लेकर दुबौलिया थाना क्षेत्र के निदूरी गांव के रहने वाले मौसेरे भाई की मंगलवार की बरात में शामिल होने के लिए आ रहा था। बरात निदूरी से बभनान क्षेत्र में जाना था लेकिन रास्ते में ही विजय की मौत ने सबकी खुशियों को पल भर में ही छीन लिया। जवान बेटे की मौत से सबकी आंखें नम थीं।
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