बस्ती। डीजल-पेट्रोल के लिए भी अब भटकना पड़ रहा है। लोग बंद पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर सेल्समैन से डीजल- पेट्रोल के वितरण का समय पूछते नजर आ रहे हैं। कुछ जगहों पर इसकी सटीक जानकारी भी मिल रही है। टैंकर आने की खबर पाकर सेल्समैन अपने परिचित ग्राहकों को वितरण का समय बता रहे हैं। कहीं रात में नौ बजे के बाद कहीं सुबह छह बजे लोग वाहन लेकर तेल भरवाने पहुंच रहे हैं। जिले के ग्रामीण अंचल में डीजल-पेट्रोल की समस्या और विकट हो गई है। खेती किसानी के समय डीजल नहीं मिलने से सिंचाई बाधित हो रही है।
रविवार को गांधीनगर क्षेत्र के मालवीय मार्ग, गांधीनगर मार्ग, कचहरी चौराहा स्थित पांच पेट्रोल पंपों में से केवल जेडी शिक्षा भवन के सामने केवल पेट्रोल वितरित होता पाया गया। बाकी सभी पंप बंद मिले। इसी तरह हाईवे एवं अन्य जगहों पर भी कहीं- कहीं एक दो पंप खुले मिल रहे हैं। कुछ पंपों पर दिन में तेल की बिक्री हो रही हैं तो शाम ढलने के बाद बंद हो जा रहे हैं। कुछ बंद पंपों पर केवल शाम-सुबह बिक्री की जा रही है। पंप संचालकों का कहना है कि पर्याप्त आपूर्ति न होने की वजह से पंप को सूखने से बचाने के लिए घंटे-दो घंटे तक ही बिक्री की जा रही है। जिले भर में संचालित 183 में से 70 से 80 पंप बंद मिल रहे हैं। 17 पेट्रोल पंप नियमित रूप से सूखे हैं।