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Basti News: तपिश में अखर रही रसोई गैस की व्यवस्था...कतार में तप रहे उपभोक्ता

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सिलिंडर के लिए खड़े उपभोक्ता।
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बस्ती। भीषण गर्मी और तपिश में सिलिंडर लेने की प्रक्रिया उपभोक्ताओं को अखरने लगी है। उपभोक्ताओं का कहना हैं कि एक सिलिंडर के लिए कई-कई दिन तक लाइन में तपना पड़ रहा है।
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घर में चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। एजेंसी पर रोज नया-नया नियम बताया जा रहा है। पहले बुकिंग पर ही सिलिंडर घर पहुंचता रहा। अब बुकिंग के बाद कई दिन तक दौड़कर एजेंसी आना पड़ रहा है। यहां टोकन के लिए लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। ऊपर से भीषण गर्मी और तल्ख धूप है। इसके बाद भी टोकन नहीं मिल रहा है। गोदाम पर अलग से लाइन लगानी पड़ रही है।
मालवीय रोड स्थित गैस एजेंसी पर लाइन में खड़े राम प्रकाश ने बताया कि लगातार तीन दिन से वह टोकन के लिए एजेंसी पर आ रहे हैं। कभी सर्वर की समस्या बताकर अधिकांश उपभोक्ताओं को लौटा दिया जा रहा हैं तो कभी कर्मचारी ही उठकर चल दे रहे हैं। एजेंसी उपभोक्ताओं पर टोकन और गैस के लिए अलग- अलग लाइन लगाने का नियम थोप रही है। प्रशासन भी कुछ नहीं कर रहा है। वहीं स्टेशन रोड स्थित एजेंसी पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन देखी गई। यहां उपभोक्ता प्रचंड धूप से बचने के लिए पेड़ के नीचे या आसपास की दुकानों में शरण ले रहे हैं। सुमन देवी ने बताया कि इस भीषण गर्मी में सिलिंडर के लिए लाइन में लगने के दौरान चक्कर आ जा रहा है। इसके बाद भी एजेंसी कर्मचारी पर्ची नहीं दे रहे हैं।
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शरीर से कमजोर उपभोक्ता तपिश न झेल पाने के कारण लाइन देखकर घर लौट जा रहे हैं। ज्यादातर लोग पसीने से भीगकर लाइन में खड़े रह रहे हैं। शहर के सिविल लाइन, कटरा, पटेल चौक, मालवीय मार्ग समेत ग्रामीण अंचल की दो दर्जन से अधिक एजेंसियों पर इसी तरह का दृश्य रोजाना देखने को मिल रहा है। बुकिंग, टोकन, ऑनलाइन भुगतान दिखाने के बाद भी एजेंसी कर्मचारी हाथ खड़े करते नजर आए।
ऑनलाइन बुकिंग और रसूखदारों से फोन कराने की विधि भी काम नहीं आ रही है। पूर्ति कार्यालय में रोजाना सौ से अधिक लोग सिलिंडर न मिलने की शिकायत कर रहे हैं। यहां से उपभोक्ता का पासबुक, फोन और बुकिंग नंबर लेकर एजेंसी संचालकों के वाट्सएप ग्रुप पर भेजा जा रहा है। उपभोक्ता को तसल्ली दी जा रही है कि आपके घर होम डिलीवरी या फोन से बुलाकर सिलिंडर मुहैया कराया जाएगा। मगर यह व्यवस्था भी फेल हो गई है। सिविल लाइन स्थित एजेंसी के उपभोक्ता राकेश ने कहा कि 10-20 दिन देर से ही सही लेकिन, होम डिलीवरी की व्यवस्था बहाल कर दी जाए।
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