जिले के 20 लोगों से रुपये ले रखा है पश्चिम बंगाल का कबूतरबाज
पुलिस ने उसके खुद के नाम के 20 बैंक खातों का लगाया सुराग, कर रही छानबीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दिल्ली में बैठकर विदेश भेजने के नाम पर कबूतरबाजी करने वाला पश्चिम बंगाल का जालसाज जिले के कई लोगों से रुपये ले रखा है। वह संपर्क में आने वाले लोगों को झांसा देता था कि वह ऐसे देश में भेज देगा, जहां रियाल और डॉलर में तनख्वाह मिलती है। एक से डेढ़ लाख रुपये प्रतिमाह कमाई का झांसा देता था।
दुबौलिया थाना क्षेत्र के डिंगरापुर निवासी सतीश सिंह भी उन्हीं में से एक हैं। जिनके जरिये उसने 20 लाख रुपये अपने विभिन्न खातों में मंगवाए थे। इन्हें भी वही झांसा दिया था। रुपये मांगने पर वह आनाकानी करने लगा तो सतीश सिंह ने थाने में तहरीर दी। केस दर्ज होने के बाद उसे पता चल गया तो मंगलवार को वह न्यायालय में पैरवी करने आया था। पहले से ही जाल बिछाए बैठी साइबर थाने की टीम ने उसे दबोच लिया था। तफ्तीश कर रहे इंस्पेक्टर विकास यादव ने बताया कि इसके ग्रुप के अन्य जालसाजों के बारे में सूचनाएं जुटाई जा रही है।
दुबौलिया के डिगरापुर निवासी सुरेश सिंह ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया था कि फोन पर वार्ता के दौरान विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर पश्चिम बंगाल का निवासी संजय धोखाधड़ी करके 20 लाख रुपये ले लिए। साइबर क्राइम थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि केस दर्ज कर इलेक्ट्रानिक सर्विलांस, सीडीआर एनालिसिस व अन्य साइबर तकनीक का प्रयोग करते हुए साक्ष्य जुटाए गए।
एटीएम की वीडियो फुटेज आदि से मिले अहम सुराग की मदद से टीम ने आरोपी संजय निवासी नैहट्टी माद्राल रोड, थाना नैहट्टी, जिला उत्तर 24 परगना पश्चिम बंगाल, हाल मुकाम कुतुब बिहार फेज 1, ई-ब्लाक, गोयल डेयरी, साउथ वेस्ट दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया।
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खुद के खाते में मंगाता था रकम
छानबीन में पता चला है कि वह खुद के खाते में रकम मंगवाता था। कुछ दिन उस खाते का इस्तेमाल कर वह खाता बंद कर देता था। इसके बाद दूसरे बैंक में खाता खोलता था। उसके कब्जे से विभिन्न देशों के 20 पासपोर्ट के साथ विभिन्न बैंकों के 30 पासबुक भी बरामद किए गए हैं। जिसमें 20 खाते उसके खुद के नाम के हैं। बाकी 10 खातों का पुलिस ब्योरा खंगाल रही है।
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मुलाकात किसी से नहीं, सबसे फोन पर डीलिंग
पुलिस का कहना है कि कबूतरबाज किसी से कभी मुलाकात नहीं करता था। वह सारी डीलिंग फोन से करता था। शिकायत कर्ता सतीश सिंह से भी उसका संपर्क किसी के जरिये फोन पर हुआ था। वह विश्वास दिलाने के लिए पासपोर्ट बनवा देता था। बाद में बीजा के नाम पर फिर पैसे मंगवाता था। उन्हें फर्जी बीजा दे देता है। इस गैंग में शामिल अन्य लोगों की तलाश में पुलिस जुटी है।