- रेलवे स्टेशन पर बढ़ी बाहर से आने वाले यात्रियों की संख्या
रोडवेज पर भी दिल्ली-लखनऊ से पहुंच रहे यात्री, लोकल रूट का सफर कठिन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दिवाली के त्योहार में परदेस से घर आने वालों की संख्या बढ़ गई है। ट्रेनों में ठसाठस यात्री मुंबई, दिल्ली, गुजरात से यहां पहुंच रहे हैं। इधर तीन-चार दिनों से रेलवे स्टेशन पर 25 से 30 हजार यात्रियों का आवागमन प्रतिदिन हो रहा है। भीड़ के आगे लोकल रूट की टैक्सियां कम पड़ गई हैं। बाहर से आने के बाद लोकल रूट पर सफर करने के लिए यात्रियों को टैक्सी का इंतजार करना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन पर टैक्सी में चलने वाले चार पहिया वाहन नहीं मिल रहे हैं। दिल्ली, मुंबई समेत अन्य महानगरों से आने वाले यात्री गंतव्य तक पहुंचने के लिए साधन की तलाश कर रहे हैं। सुबह-शाम ट्रेनों की आवाजाही जब अधिक हो रही है तो रेलवे स्टेशन पर खड़ी होने वाले टैक्सी तुरंत यात्रियों से भर जा रही हैं। सिद्धार्थनगर जिले के ककरहवा, बढ़नी बाॅर्डर एवं संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल, साथा तक के यात्री यहां पहुंच रहे हैं।
इन रूटाें पर टैक्सी वाहन एवं सरकारी बस नियमित रूप से संचालित नहीं होते हैं। ऐसे में यात्रियों को ऑटो बुक कर 50 से 80 किमी तक की दूरी तय करनी पड़ रही है। कुछ यात्री तो अपने निजी वाहन बुलाकर रेलवे स्टेशन से घर पहुंच रहे हैं। दिल्ली से आए मनोज ने बताया कि सुबह वह सात लोग ट्रेन से आए हैं। जब तक रेलवे स्टेशन से बाहर निकलकर टैक्सी पकड़ने की सोच रहे थे, तब चार पहिया वाहन भर गए।
विवश होकर हजार रुपये में ऑटो बुक कर 50 किमी दूर डुमरियागंज जाना पड़ रहा है। वहीं विनीता ने बताया कि उन्हें ककरहवा जाने के लिए टैक्सी वाहन नहीं मिला। सामान ज्यादा होने के नाते रोडवेज बस से भी नहीं जा सकते हैं। मजबूरी में उन्हें ऑटो तय करना पड़ेगा।
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रोडवेज पर भी भटक रहे यात्री
रोडवेज डिपो पर भी लखनऊ, दिल्ली, कानपुर से आने वाले यात्री गंतव्य जाने के लिए भटक रहे हैं। यहां लोकल रूट पर बसों का संचलन न के बराबर है। सिर्फ डुमरियागंज और बांसी रूट पर बसें संचालित की जा रही है। बस्ती-नंदौर, बस्ती महुली, बस्ती-कलवारी, बस्ती-बभनान आदि रूटों पर सरकारी बसें कम संख्या में चलाई जा रही है। ऐसे में इन रूटों के यात्रियों को ऑटो वाहन बुक कर जाना पड़ रहा है।