हर्रैया। क्षेत्र के सहकारी समितियों पर यूरिया उर्वरक की कमी किसानों पर भारी पड़ रही है। यह स्थिति तब है जब यूरिया की जरूरत अब कम किसानों को ही है।
अधिकांश किसानों ने खेतों में यूरिया का छिड़काव कर लिया है। शेष किसान यूरिया के लिए जब समितियों पर पहुंच रहे हैं तो सचिव का दो टूक जवाब मिल रहा है कि इस समय डिमांड के हिसाब से इसकी आवक नहीं है। कुछ जगहों पर निजी दुकानदार अधिक मूल्य पर यूरिया बेच रहे हैं।
क्षेत्र के उभाई, पुरैना, बड़ेरिया कुंवर, बड़हर, किशुनपुर सहित अधिकांश समितियों पर यूरिया उर्वरक पहुंचने से किसानों को कुछ हद तक राहत मिली है। मांग के सापेक्ष यूरिया की आपूर्ति नहीं होनी बताई जा रही है। साधन सहकारी समिति मझौवा बाबू में पिछले दस दिनों से यूरिया नहीं है। सहसराव में भी यूरिया नहीं है। किसान राम धनी यादव ने बताया कि उन्होंने बड़ेरिया समिति पर दो बोरी यूरिया 560 रूपये में खरीदी है। नारायनपर मिश्र के विश्वनाथ वर्मा ने बताया कि समितियों पर 275 से 280 व निजी दुकानों पर 320 से 360 रुपये प्रति बोरी यूरिया बिक रही है। बताया कि दुकानदार जबरन यूरिया के साथ सल्फर व जिंक की पैकेट खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। खम्हारिया गंगाराम के जगनारायण भी खाद के लिए भटक रहे है। बताया कि वह उर्वरक के लिए मझौवा बाबू समिति पर गए मगर नहीं मिला।
इस संबंध में एडीओ सहकारिता राम प्रताप वर्मा ने बताया कि अधिकांश समितियों पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जा रहा है।