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Basti News: शहरी स्कूलों को अपने भवन तक मयस्सर नहीं...गिनती के शिक्षक और बच्चे

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किराए के भवन में संचालित प्राथमिक विद्यालय डुमरियागंज रोड। संवाद
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बस्ती। नगर क्षेत्र में संचालित परिषदीय विद्यालय अपने अस्तित्व बचाने का जंग लड़ रहे हैं। अधिकांश विद्यालयों में छात्र संख्या 50 से भी कम है। यहां 27 प्राथमिकी और आठ उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी है।
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आरटीई मानक के अनुसार प्राइमरी स्तर के विद्यालयों में 31 और उच्च प्राथमिकी स्कूलों में 35 शिक्षकों की आवश्यकता है। शिक्षकों की कमी के चलते पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है। वर्तमान में नगर क्षेत्र के 27 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में कुल 1700 बच्चे अध्ययनरत है। यहां आरटीई एक्ट के तहत 30 बच्चों पर एक शिक्षक के हिसाब से कुल 56 शिक्षकों की आवश्यकता है।
वर्तमान केवल 25 शिक्षकों की तैनाती है, 31 आवश्यकता अभी भी है। इसी तरह आठ माध्यमिक विद्यालयों में दो हजार से अधिक बच्चे हैं। इसमें 35 बच्चों पर एक शिक्षक की आवश्यकता होती है। वर्तमान में केवल 27 शिक्षकों की तैनाती है। जबकि 35 और शिक्षकों की आवश्यकता है।
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शिक्षकों की कमी के चलते विद्यालयों में पठन-पाठन का माहौल सृजित नहीं हो रहा है। जबकि शहरी क्षेत्र में सीबीएसई, आईसीएसई पैटर्न पर संचालित होने वाले कान्वेंट स्कूलों से परिषदीय विद्यालयों की जबरदस्त प्रतिस्पर्धा भी है। ऐसे में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर न होने के कारण आर्थिक रूप से सक्षम लोग अपने बच्चों का परिषदीय विद्यालयों में दाखिला कराने में रूचि नहीं दिखाते हैं।
केवल कमजोर तबके के बच्चों का ही दाखिला इन स्कूलों में हो पा रहा है। यहीं वजह हैं कि स्कूल खुलने और बंद होने के समय बच्चों की सर्वाधिक भीड़ निजी स्कूलों के सामने ही देखी जा रही है।
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