बस्ती। जिला महिला अस्पताल में शनिवार को नवजात की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया। रोते- बिलखते परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
संतकबीनगर के अतरौलिया की बबिता यादव (24) पत्नी भोला यादव का प्रसव 27 मई को जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन से हुआ था। तब जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। परिजनों के अनुसार शनिवार को दोपहर एक बजे के करीब वार्ड में भर्ती नवजात के नाक और मुंह से ब्लड निकलते हुए देखा गया। इसके बाद परिजन सकते में आ गए। नवजात को लेकर तत्काल इमरजेंसी में पहुंचे। जहां कोई चिकित्सक नहीं मिला।
कर्मियों से पूछा डॉक्टर कहां मिलेंगे तो इधर-उधर ले जाने की सलाह दी गई। इससे तबीयत और बिगड़ती गई। इसी बीच नवजात की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने हो-हल्ला कर हंगामा शुरू कर दिया। फिर, भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
पीड़ित भोला यादव व परिजनों ने बताया कि बच्ची की तबीयत जब बिगड़ी तो चिकित्सक को बुलाते रह गए, लेकिन कोई नहीं आया। उपचार के लिए एक-दूसरे वार्ड का चक्कर लगाते रहे। तब तक उसकी जान निकल गई। यह अस्पताल की लापरवाही से हुआ है। यदि समय से चिकित्सक आते और उपचार मिल जाता तो नवजात की जान बच सकती थी। यहां उपचार के नाम पर सिर्फ कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के नाम पर उनसे 2200 रुपये भी जमा कराया गया था। परिजन नवजात का शव लेकर अस्पताल में काफी देर तक बैठे रहे। वहीं बच्ची की मौत सुनने के बाद प्रसूता की भी हालत बिगड़ गई है।