मोबाइल स्वीच ऑफ कर पाकेट और बैग में रख रहे शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जनपद के चार केंद्रों हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के यूपी बोर्ड परीक्षा की काॅपियों का मूल्यांकन कार्य चल रहा है। मूल्यांकन कार्य के शुरुआती दिनों में 50 फीसदी परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य से मुंह मोड़ लिया। जो केंद्र पर पहुंच रहे हैं, वे किसी तरह मूल्यांकन कार्य पूरा करने में व्यस्त हैं। ज्यादातर मूल्यांकन कक्ष में सबसे बड़ी समस्या रोशनी की है। उन्हें अंधेरे में कॉपियां जांचनी पड़ रही है।
परीक्षकों के मुताबिक, काॅपियों के मूल्यांकन कक्ष में कम रोशनी में काॅपियों की जांच करनी पड़ रही। बड़े कक्ष में एक दो ट्यूब लाइट या कम रोशनी वाले सीएफएल में मूल्यांकन करना पड़ रहा है। बिजली कटने पर जब तक जनरेटर न चले तब तक खिड़की से आने वाले सूरज की रोशनी में काम चलाना पड़ता है।
मूल्यांकन के चौथे दिन शुक्रवार को राजकीय इंटर काॅलेज में इंटरमीडिएट की 13,160 कापियों का मूल्यांकन किया गया। श्रीकृष्ण पांडेय इंटर काॅलेज में हाईस्कूल की 23,357 काॅपियां जांची गईं। राजकीय कन्या इटर काॅलेज में 16,763 और सक्सेरिया इंटर काॅलेज में 21,796 कॉपियां जांची गईं। सूत्रों की मानें तो मूल्यांकन कार्य के दौरान मोबाइल प्रतिबंधित होने के बावजूद परीक्षक स्वीच ऑफ कर बैग में मोबाइल रखकर आ रहे हैं।
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परीक्षा केंद्रों पर रोशनी की व्यवस्था कराने की मांग
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह और मंत्री अरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि जानकारी मिली है कि कुछ केंद्रों पर प्रकाश की रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं। कॉपियों की जांच के बाद अंकों का जोड़ करना होता है। मोबाइल प्रतिबंधित होने के कारण इस कार्य में दिक्कत होती है। ऐसे में रोशनी की व्यवस्था कराई जाए।
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केंद्रों पर प्रकाश की व्यवस्था की जांच कराई जाएगी, जहां कही कमी होगी, उसे दूर कराया जाएगा।
- जगदीश प्रसाद शुक्ल, डीआईओएस