नगर बाजार (बस्ती)। विकास खंड बहादुरपुर के ग्राम पंचायत पोखरनी की सोनी परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य हैं। एक वर्ष पहले पति मुकेश की सड़क दुर्घटना में एक पैर खराब हो गया। पति के चल-फिर न पाने के कारण घर की आर्थिक स्थिति खराब होने लगी, मगर सोनी ने बिगड़ती परिस्थितियों से हार नहीं मानी।
उन्होंने छह माह पहले एक ई-रिक्शा खरीदा और अब खुद ही उसे चलाकर परिवार का गुजारा चला रही हैं।सोनी का परिवार चार सदस्यों का है। पति मुकेश और उनके दो नाबालिग बच्चे नौ वर्षीय बेटी आंचल और आठ वर्षीय बेटा अंकुर हैं।
दोनों पढ़ाई कर रहे हैं। सोनी का सपना है कि बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और बेहतर भविष्य बनाएं। इसीलिए वह सुबह ऑटो चलाती हैं, ताकि बच्चों की फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और घर का खर्च चल सके।
जब पति मुकेश का एक्सीडेंट हुआ था तो घर में सब कुछ ठप हो गया। डॉक्टरों ने कहा कि पैर पूरी तरह ठीक नहीं होगा। धीरे-धीरे घर की माली हालत खराब होने लगी। सोनी ने बताया कि इसके बाद उसने सोचा कि अब घर बैठकर रोना-धोना नहीं चलेगा।
बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है, इसलिए उसने ई-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया। सोनी का रोज का रूट गांव से लेकर नजदीकी कस्बों और बाजार और शहर तक है। वह सुबह से शाम तक यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाती हैं। कई बार मौसम की मार, ट्रैफिक, थकान और सुरक्षा की चिंताएं होती हैं।
पति मुकेश भी सोनी के इस फैसले का समर्थन करते हैं। वह घर पर रहकर बच्चों की देखभाल और छोटे-मोटे काम संभालते हैं। गांव वाले भी सोनी की तारीफ करते नहीं थकते।
कई लोग कहते हैं कि सोनी ने न सिर्फ अपने परिवार को संभाला है, बल्कि महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की है।