बस्ती। रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे विभाग के लिए अच्छी खबर है। सोनोग्राफी के लिए होने वाले डिप्लोमा कोर्स के लिए सीएमओ के अधीन के कार्यरत दो चिकित्साधिकारियों का चयन हुआ है। इसमें एक सीएचसी के अधीक्षक भी हैं। प्रशिक्षण लेकर लौटने पर डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कर सकेंगे। इससे मरीजों को आसानी से यह सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।
बताया गया कि इन चिकित्सकों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन चिकित्सकों का पंजीकरण पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत हो सकेगा। शासन के इस कदम से इस बात की उम्मीद जगी है कि सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिलने लगेगी। सीएमओ के अधीन कार्यरत सीएचसी विक्रमजोत के एमओआईसी डॉ. आसिफ फारूकी और सीएचसी कुदरहा पर तैनात डॉ. फैज वारिस का चयन सोनोग्राफी के डिप्लोमा कोर्स के लिए हुआ है। डॉ. आसिफ फारूकी को राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल लखनऊ और डॉ. फैज वारिस को बीआरडी गोरखपुर आवंटित हुआ है।