दो गांवों के करीब 50 घरों में छाया अंधेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
परशुरामपुर। मखौड़ा धाम में बने 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र से पोषित मोइयापुर में करीब 15 दिन तो सहारिया मधुकरपुर में 10 दिनों पूर्व जले ट्रांसफाॅर्मर को अब तक नहीं बदला गया। दोनों गांवों के करीब 50 घरों के लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ऑनलाइन शिकायत के बाद भी निगम ने ट्रांसफाॅर्मर बदलना उचित नहीं समझा।
क्षेत्र के सेहरिया मधुकरपुर (नई दुनिया)में 25 केवीए का ट्रांसफार्मर क़रीब दस दिन पहले जल गया था।ग्रामीणों ने इसकी शिकायत ऑनलाइन किया था लेकिन समस्या का हल नहीं निकला। गांव के रमेश मौर्य ने कहा कि वर्षा के मौसम में खेतों में पानी भर गया है इसलिए जहरीले जंतुओं का खतरा बढ़ गया। सांप,बिच्छू इधर-उधर घूमते रहते हैं। बावजूद इसके करीब 10 दिन से हम सभी अंधेरे में रह रहे हैं।
राजू निषाद ने कहा कि दिन में बिजली नहीं रहती तो किसी तरह समय कट जाता है लेकिन रात में लाइट नहीं रहती तो गर्मी और मच्छरों के आतंक से नींद भी नहीं आती। संजय यादव ने कहा कि इस ट्रांसफार्मर से करीब 35 घरों की आपूर्ति होती थी, जो अब बंद है। मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांव में जाना पड़ता है। बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते।
इसी उपकेंद्र से जुड़े मोइयापुर में भी 10 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर करीब 15 दिन पूर्व जल गया। संबंधित लाइनमैन को सूचित किया गया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। ग्रामीणों ने ऑनलाइन शिकायत भी की, लेकिन निगम की लापरवाही के चलते यहां के करीब 25 घरों में अंधेरा छाया रहता है। गांव के महाबली ने कहा कि कुछ दूरी पर दूसरा ट्रांसफाॅर्मर लगा है जिससे कुछ लोगों की आपूर्ति चल रही है, लेकिन दूसरे के घर मोबाइल चार्ज करने जाओ तो लोग आपत्ति करने लगते हैं। इधर गर्मी में लाइट न होने से पंखा भी बंद पड़ा है। मच्छरों की वजह से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।