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जिला अस्पताल में छह माह से थायराइड की जांच बंद

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जिला अस्पताल का क्षेत्रीय निदान केंद्र। - फोटो : BASTI
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जिला अस्पताल में छह माह से थायराइड की जांच बंद
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- मरीजों को अधिक कीमत देकर बाहर करानी पड़ रही जांच
- रिजेंट और कैलिब्रेटर की कमी से हो रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला अस्पताल में पिछले छह माह से थायराइड की जांच बंद है। इससे मरीजों को दिक्कतें हो रही है। जिम्मेदारों का कहना है की रिजेंट और कैलिब्रेटर नामक केमिकल के न होने की वजह से जांच में दिक्कत हो रही है। वहीं, मरीजों को बाहर पांच सौ से सात सौ रुपये देकर जांच करानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में करीब पांच साल पहले थायराइड मशीन की स्थापना हुई। इसके बाद यहां हर दिन 50 से 60 मरीजों की जांच होती है। लगभग एक साल ठीक ढंग से संचालित होने के बाद इस मशीन में अक्सर कोई न कोई तकनीकी दिक्कत आ जाती है।
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इधर, पिछले छह माह से जिला अस्पताल में थायराइड की जांच बंद है। जिसके कारण लोगों को बाहर जांच करानी पड़ रही है। इससे उनको आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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क्या है रिजेंट
थायराइड जांच के लिए रिजेंट का प्रयोग किया जाता है। यह एक प्रकार का केमिकल होता है, जो खून में डालने पर उसमें थायराइड की मात्रा बता देती है।
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रिजेंट की गुणवत्ता परखने के लिए होता कैलिब्रेटर का प्रयोग
कैलिब्रेटर रिजेंट की गुणवत्ता परखने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे केमिकल में डालकर उसकी जांच की जाती है।
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जिला अस्पताल में कई दिनों से जांच के लिए दौड़ रहे हैं। मगर, यहां व्यवस्था नहीं है। यहां मात्र दो सौ रुपये में जांच हो जाती है, जबकि बाहर इसकी कीमत पांच से सात सौ रुपये ली जाती है।
- चंद्रमौलि पाल, बैरिहवां
पत्नी के थायराइड जांच के लिए आए थे, मगर यहां तो मशीन चल ही नहीं रही है। ऐसे में अब बाहर जांच कराना मजबूरी है। जिसके लिए अब अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
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- राजन गुप्ता, गांधीनगर
कुछ दिन रिजेंट की कमी थी, जिसे उपलब्ध करा दिया गया है। अब पता चला है कि कैलिब्रेटर की जरूरत है। उसे भी शीघ्र मुहैया करा दिया जाएगा। थायराइड की जांच जल्द शुरू हो जाएगी।
डॉ. आलोक कुमार वर्मा, प्रमुख अधीक्षक
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