महिला चिकित्सालय में जांच के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाई गई महिलाओं व उनके परिवार की हिस्ट्री खंगाली जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम यह जांचेगी कि यह परिवार या पीड़ित कहीं बाहर के जिले में तो आया गया नहीं है अथवा उनके परिवार में बाहर से तो कोई नहीं आया, जो पॉजिटिव रहा हो। इसके अलावा पॉजिटिव का नमूना एकत्रित कर लिया गया है, जिसे जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।
यह जानकारी सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र ने दी है। बताया कि गांव में टीम भेजी गई है। पॉजिटिव मरीज को होम आइसोलेट किया जाएगा। इसके अलावा पूरे परिवार का भी नमूना लिया जाएगा। इन्हें भी आइसोलेट किया गया है।
जिले में अब तक मिले चार पॉजिटिव केस, फिर भी सतर्कता नहीं
बस्ती जिले के ग्राम रानीपुर में मिले कोरोना पॉजिटिव एक युवक के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्कता के तमाम अपील कर रहा है, लेकिन इसका किसी पर कोई प्रभाव नहीं है। तंत्र अभी तैयारी कर ही रहा है कि बुधवार को महिला अस्पताल में एक साथ तीन केस सामने आए हैं। इसकी जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग मेें खलबली मच गई, मगर महिला चिकित्सालय में इलाज कराने वालों के सेहत पर इसका कोई प्रभाव नहीं है। भीड़ लोग इलाज के लिए धक्का मुक्की करते रहे।
कोरोना को लेकर तमाम गाइड लाइन शासन ने जारी कर दिया है। टेस्टिंग व ट्रैकिंग का निर्देश आयुक्त ने दिया है, मगर जिला चिकित्सालय व ओपेक चिकित्सालय कैली में इसका कोई असर नहीं है। तभी तो मंगलवार को जिला अस्पताल में एक जांच हुई, जबकि ओपेक चिकित्सालय में कोई नमूना नहीं जांचा गया।
रेलवे स्टेशन, क्षय रोग व महिला चिकित्सालय में जांच
जिले में रेलवे स्टेशन, क्षय रोग चिकित्सालय व महिला अस्पताल में ही जांच की व्यवस्था अब तक बन सकी है। ग्रामीण इलाकों में सीएचसी व पीएचसी पर निर्देश का कोई असर नहीं है।
मास्क व दूरी भूल गए लोग
शहर हो या गांव बाजार में कोरोना का डर गायब हो गया है। नतीजतन बाजार व दुकानों में भीड़ है। न तो लोग मास्क लगा रहे हैं और न दूूरी का पालन हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी कोरोना डॉ. एके कुशवाहा ने कहा कि यदि गाइड लाइन का पालन लोग नहीं करेंगे तो स्थिति खराब हो सकती है।