बस्ती। जिले के तीन और उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इन विद्यालयों में फर्नीचर, टीवी, फ्रिज, लाइब्रेरी, खेल सामग्री और ओपेन जिम समेत अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फर्म का चयन होने के बाद विद्यालयों में सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
योजना के तहत ओपेन जिम पर 26 लाख और फर्नीचर पर 46 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शैक्षिक सत्र 2027-28 से सभी उच्चीकृत कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राएं कक्षा नौ से 12 तक निशुल्क पढ़ाई कर सकेंगी। जिले में कुल 13 कस्तूरबा विद्यालय संचालित हैं। इनमें अभी छात्राओं को कक्षा छह से आठ तक निशुल्क शिक्षा दी जाती है। जूनियर स्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद माध्यमिक शिक्षा के लिए छात्राओं को दूसरे विद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को माध्यमिक स्तर तक निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कस्तूरबा विद्यालयों को उच्चीकृत किया जा रहा है।
जिले के 10 कस्तूरबा विद्यालय पहले ही उच्चीकृत किए जा चुके हैं। इस साल साऊंघाट, रामनगर और परशुरामपुर ब्लॉक के तीन विद्यालयों को भी उच्चीकृत किया गया है। इनमें एकेडमिक भवन और हॉस्टल का निर्माण कराया गया है। साऊंघाट और रामनगर के विद्यालय विभाग को हैंडओवर हो चुके हैं, जबकि परशुरामपुर का विद्यालय अभी हैंडओवर होना बाकी है। इसे भी जल्द विभाग को सौंपे जाने की उम्मीद है।
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तीन किमी दायरे में इंटर कॉलेज तो हॉस्टल की सुविधा
उच्चीकृत कस्तूरबा विद्यालयों के तीन किलोमीटर के दायरे में इंटर कॉलेज होने पर माध्यमिक स्तर की छात्राओं के लिए हॉस्टल की सुविधा का विस्तार किया जाएगा। छात्राओं का प्रवेश नजदीकी इंटर कॉलेज में कराया जाएगा और वे कस्तूरबा विद्यालय के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करेंगी। जहां तीन किलोमीटर के दायरे में इंटर कॉलेज नहीं है, वहां कस्तूरबा विद्यालय में ही एकेडमिक और हॉस्टल दोनों की व्यवस्था की जाएगी। इस तरह छात्राओं को कक्षा नौ से 12 तक की शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
इन मदों में खर्च होंगे रुपये
खेल सामग्री के लिए 13 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। ओपेन जिम के लिए 26 लाख और फर्नीचर के लिए 46 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जनरेटर पर 1.24 लाख और वाशिंग मशीन पर 1.50 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा विद्यालयों में लाइब्रेरी, टीवी और फ्रिज समेत अन्य आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
कोट
जिले के 10 ब्लॉकों में कस्तूरबा विद्यालय पहले ही उच्चीकृत हो चुके हैं। इस वर्ष तीन और विद्यालय उच्चीकृत किए गए हैं। इन विद्यालयों को जल्द संसाधनयुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- अनूप कुमार, बीएसए