बस्ती। गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी पकड़ में आने लगी है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू की है। एक दिन पहले शुक्रवार को आपूर्ति विभाग की टीम ने मड़वानगर टोल प्लाजा के निकट छापेमारी की। यहां घरेलू गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी करते हुए तीन हॉकर पकड़े गए। पूरे प्रकरण में पटेल चौक स्थित सन गैस एजेंसी का भी नाम सामने आया है। इस एजेंसी का एक हॉकर और डिलीवरी वैन भी मौके से पकड़ा गया है। पूर्ति विभाग के अफसरों ने कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराया है।
उपभोक्ताओं के हक के सिलिंडरों की कालाबाजारी होने का शोर काफी दिनों से हो रहा है। उपभोक्ता खुद यह आरोप लगा रहे हैं कि उनके मोबाइल डिलीवरी का मैसेज आने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है। डीएम कृत्तिका ज्योत्सना ने कालाबाजारी की रोकथाम के लिए शुक्रवार को सख्ती दिखाई है। इसके बाद आपूर्ति विभाग की टीम ने छापेमारी शुरू की। एआरओ अशोक कुमार सिंह, पूर्ति निरीक्षक सदर प्रवीण कुमार पांडेय, पूर्ति निरीक्षक कुदरहा अनुराग श्रीवास्तव की टीम ने मड़वानगर टोल प्लाजा से 200 मीटर पहले दबिश दी।
यहां सन इंडेन गैस एजेंसी पटेल चौक का डिलीवरी वैन खड़ा मिला। यहां हॉकर संतकुमार निवासी बड़ेबन सल्लू कबाड़ी, संतोष निवासी मरवटिया साॅऊघाट और रघुनाथ चौधरी निवासी लहिलवारा थाना कप्तानगंज घरेलू सिलिंडर की कालाबाजारी करते हुए पकड़े गए। पूछताछ में संतकुमार ने बताया कि वह विभिन्न एजेंसियों से घरेलू सिलिंडर सेटिंग से खरीदने के बाद अधिक कीमत पर लोगों को बेचकर अच्छा मुनाफा कमाता है। सिलिंडरों की कालाबाजारी वह 10-12 साल से कर रहा है।
शुक्रवार को उसने सन इंडेन गैस एजेंसी पटेल चौक के हॉकर रघुनाथ चौधरी के माध्यम से घरेलू एलपीजी प्रति रिफिल 1600 रुपये में लेकर दो हजार रुपये में बेचा है। मौके पर हॉकर संतोष के डिलीवरी वाहन संख्या यूपी 51 सीटी 2122 से घरेलू एलपीजी सिलेंडर 1500 रुपये में प्राप्त कर 2000 रुपये में बेचा है। पूछताछ के दौरान हॉकर संतोष ने स्वीकार किया है कि उसने शुक्रवार को सन इंडेन गैस एजेंसी से 19 घरेलू एलपीजी रिफिल प्राप्त किए थे। जिसमें से दो रिफिल संत कुमार को 1500 रुपये में बेच दिए थे।
संबंधित एजेंसी के हॉकर के बिना किसी वैध पहचान पत्र, वाहन रजिस्ट्रेशन प्रपत्र के व निर्धारित डिलीवरी पर्ची व वेटिंग स्केल के डिलीवरी के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया। मौके पर बरामद एजेंसी के डिलीवरी वाहन और सिलिंडरों को रत्नाकर गैस एजेंसी के गोदाम इंचार्ज सुदीप शुक्ला की सुपुर्दगी में दिया गया। वहीं वाहन चालक संतोष एवं दो अन्य हॉकर को कोतवाली पुलिस को सौंपा गया।
पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पकड़े गए तीनों हॉकरों के खिलाफ 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है। इस धरपकड़ के बाद गैस एजेंसियों में हड़कंप की स्थिति है।
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हॉकरों के जरिये सिलिंडरों की हो रही कालाबाजारी
छापेमारी के दौरान इस बात की पुष्टि हुई हैं कि गैस एजेंसियों के गोदामों से हॉकरों के जरिये सिलिंडरों की कालाबाजारी कराई जा रही है। इसी वजह से आम उपभोक्ताओं को बुकिंग नंबर और डिलीवरी मैसेज आने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। हालांकि अभी संबंधित एजेंसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई प्रकाश में नहीं आई है। विभाग का कहना है कि पूरे प्रकरण से पुलिस को अवगत करा दिया गया है। अब पुलिस विवेचना में कार्रवाई आगे बढ़ाएगी।
कोट
छापेमारी में पकड़े गए हॉकरों के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दिया गया है। वाहन और सिलिंडर भी जब्त किया गया है। आगे पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी।
-विमल कुमार शुक्ल, डीएसओ।