बस्ती। पर्यावरण संरक्षण के लिए खेत में पराली जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यदि कोई पराली जलाते हुए पाया गया तो राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकारण अधिनियम की धारा-24 एवं 26 के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
उप कृषि निदेशक अशोक कुमार गौतम ने बताया कि दो एकड़ से कम क्षेत्र वाले खेल में पराली जलाने पर पांच हजार, 2 से 5 एकड़ तक 10 हजार 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि में पराली जलाने पर 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसान कंबाइन हार्वेस्टर से धान की कटाई के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट, पैडी स्ट्रा चापर एवं बेलर आदि का प्रयोग करें। इससे खेत में धान के अपशिष्ट नहीं बचेंगे। खेत में फसल अवशेष कदापि न जलाएं। वर्तमान में तापमान अधिक होने तथा हवा चलने से आग अगल-बगल के खेतों तथा आबादी में फैल सकती है। बताया कि कटाई के बाद 20 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करके मिट्टी पलट हल से जुताई कर देने से मिट्टी में दबे फसल अवशेष सड़ जाते हैं।
यह मृदा में कार्बनिक जीवांश की बढ़ोतरी भी करते हैं। यदि किसानों के पास पराली अधिक हो तो अपनी ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान और बीडीओ के सहयोग से इसे गोशाला में भी भेजवा सकते हैं।