संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बड़ेवन-कंपनीबाग फोरलेन कटरा से कंपनीबाग के बीच आकर उलझ गई है। कई स्थानों पर जमीन नहीं मिलने से सड़क की चौड़ाई का मानक बिगड़ रहा है। इसी उधेड़बुन में निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी को परियोजना पूरी करने में लेटलतीफी की मार झेलनी पड़ रही है। अक्तूबर 2024 तक यह सड़क बनकर तैयार हो जानी थी। मगर, 2025 लगने के बाद भी तैयार होने की स्थिति में नहीं है। अब सड़क की चौड़ाई में फेरबदल करने की नौबत आ रही है।
फव्वारा तिराहा से कंपनीबाग तक सड़क का निर्माण विवादों में फंस गया है। यहां एक तरफ निर्वाचन भवन का कुछ हिस्सा 22 मीटर चौड़ी सड़क के दायरे में आ रहा है। दूसरी तरफ निजी लोगों का कब्जा है। यहां सड़क के मध्य से 11 मीटर चौड़ाई पूरी की जा रही है। दूसरी तरफ निर्वाचन भवन की वजह से मुश्किल से नौ मीटर ही जगह मिल पा रही है।
इसके ठीक आगे बीडीए की चहारदीवारी भी सड़क की चौड़ाई के दायरे में है। यहां भी चहारदीवारी तोड़ने की अनुमति नहीं मिल पा रही है। इसलिए बीडीए की चहारदीवारी की तरफ भी मध्य से सिर्फ नौ मीटर चौड़ाई में सड़क बनाई जा रही है। जबकि दूसरी तरफ मकान, दुकान की ओर सड़क की चौड़ाई एक मीटर अतिरिक्त बढ़ाई जा रही है।
निर्माण एजेंसी का कहना है कि सड़क का मध्य बिंदु हर जगह एक समान रखा गया है। फव्वारा तिराहा के पास मोड़ होने की वजह से 50 सेंटीमीटर से एक मीटर तक एक तरफ सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जा रही है।
बीडीए की चहारदीवारी की तरफ नाली तक नौ मीटर सड़क पूरी हो जा रही है। पाइपलाइन डालने के लिए जगह नहीं बच रही थी तो उसे चहारदीवारी के अंदर दौड़ाया गया है। मगर, दूसरी पटरी के दुकानदार और गृहस्वामी इसका विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क के मध्य बिंदु से बराबर चौड़ाई दोनों तरफ होनी चाहिए।
बावजूद इसके जहां सरकारी निर्माण हैं वहां तोड़फोड़ न कर दूसरी तरफ सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जा रही है। इसी उधेड़बु़न के चलते पीडब्ल्यूडी भी रुक-रुककर निर्माण आगे बढ़ा रहा है।