पांच दिन में दोनों टोल प्लाजा को करीब ढाई करोड़ रुपये की लगी चपत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अयोध्या-गोरखपुर फोरलेन स्थित जिले के दोनों टोल प्लाजा पर इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। पांच दिन में दोनों टोल प्लाजा को करीब ढाई करोड़ रुपये की चपत लग गई है। जबकि पांच फरवरी तक रूट डायवर्जन और जारी रहेगा। इतना ही और नुकसान होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। फोरलेन पर लॉकडाउन जैसा नजारा दिख रहा है।
लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन पर बस्ती जिले में शहर से सटे मड़वानगर और हर्रैया के चौकड़ी में टोल प्लाजा स्थापित है। दोनों जगह से रोजाना करीब 50 से 60 लाख रुपये का राजस्व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जरिये केंद्र सरकार को मिलता है। 27 जनवरी से रूट डायवर्जन किया गया है। गोरखपुर की ओर से आने वाले वाहनों को पहले ही मनौरी चौराहे की तरफ मोड़कर डुमरियागंज व उतरौला की ओर भेजा जा रहा है। वहीं चौकड़ी टोल प्लाजा तक लखनऊ से कोई वाहन आने नहीं पा रहा है। इससे दोनों टोल प्लाजा पर सन्नाटा पसर गया है।
यहां से न तो कोई भारी वाहन गुजर रहे हैं और न ही बाहरी वाहनों की आवाजाही हो पा रही है। सिर्फ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की लोकल गाड़ियां ही दिखाई दे रही हैं। इस प्रकार इन पांच दिनों में दोनों टोल प्लाजा पर करीब ढाई करोड़ रुपये के राजस्व की क्षति हुई है।
मड़वानगर टोल प्लाजा के प्रबंधक हरिकेश मिश्रा के अनुसार, यहां से रोजाना करीब 18 से 20 हजार वाहन गुजरते हैं। इनसे करीब 20 से 25 लाख रुपये प्रतिदिन राजस्व मिलते हैं। वहीं चौकड़ी टोल प्लाजा पर रोजाना 20 से 25 हजार गाड़ियां गुजरती हैं। इनसे 25 से 30 लाख रुपये प्रतिदिन टैक्स वसूल किए जाते हैं। इस तरह दोनों टोल प्लाजा पर गाड़ियों की आवाजाही न होने से एनएचएआई को भारी चपत लग रही है।
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दो लेन रखा गया है रिजर्व
मड़वानगर टोल प्लाजा के प्रबंधक हरिकेश मिश्रा ने बताया कि टोल प्लाजा पर अधिकारियों व वीआईपी समेत इमरजेंसी व्यवस्था के लिए दो लेन आरक्षित किया गया है, ताकि विषम परिस्थितियों में आवागमन आसान हो सके। यहां सहायक प्रबंधक विनय मिश्रा की टीम को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने व व्यवस्था संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।