दुबौलिया। कस्बे के राम विवाह मैदान में चल रही नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा में बुधवार को स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि श्रीराम के विवाह की कथा जो प्रेम से सुनेगा उसका सदा मंगल होगा। परमात्मा के मंगलमय नाम का जाप करो, चाहे ज्ञान मार्गी हो या भक्ति मार्गी, ईश्वर की साधना और ध्यान किये बिना काम नहीं बनता। उन्होंने कहा कि दशरथ के राज्य में प्रजातंत्र था।
श्रीराम विवाह, परशुराम प्रसंग और अयोध्या वापसी के अनेक प्रसंगो का विस्तार से वर्णन करते हुए महात्मा जी ने कहा कि मिथिलानरेश के लिये सौभाग्य की बात है श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का विवाह एक ही मण्डप में सम्पन्न हुआ। विदाई का क्षण आया, साक्षात महालक्ष्मी सीता जी जनकपुरी छोड़कर जा रही है, मेरे जाने के बाद इन लोगों का क्या होगा ऐसा सोच माता जी ने अपने आंचल में चावल भरकर चारो ओर बिखेर दिये। आज भी मिथिला में चावल बहुत पकता है। आयोजक बाबूराम सिंह, राजेश मणि त्रिपाठी, हीरा सिंह के साथ ही बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक श्रीराम कथा में शामिल रहे।