बीएसएफ जवान का शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम
गार्ड ऑफ ऑनर के बाद मूड़घाट पर बेटे ने दी मुखाग्नि
सदर विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, एसडीएम व थानाध्यक्ष ने दी सलामी
गंभीर बीमारी के कारण कोलकाता में जवान की हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
वाल्टरगंज (बस्ती)। थानाक्षेत्र के ग्राम पंचायत मकदा के बीएसएफ जवान 53 वर्षीय जंदैैल बहादुर पुत्र धनई का शव बृहस्पतिवार रात घर लाया गया। तिरंगे में लिपटा शव जब सेना के वाहन से घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। चीख पुकार से सबकी आंखें भर आई। बैकुंठधाम द्वार मूड़घाट पर सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद बेटे निलेश ने मुखाग्नि दी। सदर विधायक दयाराम चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ला, हरिशंकर चौधरी, ब्लॉक प्रमुख सल्टौआ अभिषेक, एसडीएम पवन जायसवाल, नायब तहसीलदार कृष्णकांत मिश्र, ग्राम प्रधान पंकेश चौधरी की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया। बीएसएफ के इंस्पेक्टर महेश कुमार, एएसआई देवेंद्र नाथ और बेटे नीलेश द्वारा प्लेन से शव को लखनऊ लाया गया। जहां से सेना के वाहन में बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे घर मकदा लाया गया। जंदैैल बहादुर सिंह बंग्लादेश बॉर्डर पर तैनात 159वीं बटालियन में तैनात थे। निलेश ने बताया कि जनवरी 2021 से वह लीवर संबंधित बीमारी से पीड़ित थे। उन्हें बीएसएफ द्वारा कोलकाता के एमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को दिन के लगभग दो बजे इलाज के दौरान हो गई थी। बेटे ने बताया कि नौ अप्रैल को उनके पिता घर पर आए थे और पांच जून को फिर ड्यूटी पर चले गए थे। ड्यूटी के दौरान इनका स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया। सेना के जवानों ने 27 जुलाई को फोन करके बताया गया कि आपके पिता की हालत काफी खराब है। उनकी सूचना पर निलेश 29 जुलाई को कोलकाता गए। विगत सोमवार को लगभग दो बजे इनकी मौत हो गई। जवान की पत्नी कलावती, बड़ा बेटा नीलेश 30, बेटी रूबी 25, फोटू 22 व प्रिया 20 वर्ष का रो-रो कर बुरा हाल है।
मदद का दिया भरोसा
शव के साथ कोलकाता से आए बीएसएफ इंस्पेक्टर महेश कुमार ने दिवंगत की पत्नी कलावती को आठ हजार रुपये दाह संस्कार व 20 हजार रुपये क्रियाकर्म के लिए दिया। इंस्पेक्टर ने बेटे को नौकरी व बेटियों की शादी के लिए एक-एक लाख रुपये प्रदान करने का भरोसा दिलाया गया।
जवान के नाम पर सड़क व बनेगा स्मृति द्वार
सेना के जवान जंदैैल बहादुर के बेटे नीलेश व ग्रामीणों की मांग पर सदर विधायक दयाराम चौधरी व भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ल ने आश्वासन दिया कि बस्ती-बांसी मार्ग की सड़क से जवान के घर तक पक्की सड़क का निर्माण होगा। साथ ही बस्ती-बांसी मार्ग की सड़क पर द्वार का भी निर्माण कराया जाएगा।