संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोविड के बाद हटाए गए वेंटीलेटर टेक्नीशियनों की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने इनके समायोजन का आदेश दिया है। इससे मेडिकल काॅलेज से संबद्ध ओपेक अस्पताल कैली की आईसीयू व्यवस्था भी संचालित होने लगेगी।
यह मामला लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित चल रहा था। फरमान आया है कि मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य सीएमओ से समन्वय स्थापित करते हुए इन टेक्नीशियनों की तैनाती सुनिश्चित कराए।
कोरोना के बाद वेंटीलेटर टेक्नीशियन हटा दिए गए थे। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में आईसीयू का संचालन ठप हो गया था। इससे रोगियों को परेशानी हो रही थी। टेक्नीशियनों ने दोबारा कार्य पर रखें जाने की मांग भी उठाई। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के स्तर से पूर्व में ें अस्थायी, अल्पकालिक, संविदा व आउटसोर्स से रखे गए टेक्नीशियनों के समायोजन के निर्देश दिए गए थे।
इस आधार पर मेडिकल कॉलेज की तरफ से पिछले वर्ष इन टेक्नीशियनों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किया गया। लेकिन, वित्त नियंत्रक स्तर से मानदेय भुगतान की अनुमति नहीं दी गई। इससे इनकी तैनाती लटक गई। यह मामला शासन में पहुंचा। वेंटीलेटर टेक्नीशियन न होने के कारण मेडिकल कॉलेज के दस बेड वाले आईसीयू का संचालन भी शुरू नहीं हो पाया। इस मामले में जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भी लिखा।
इधर एनएचएम के निदेशक ने प्रधानाचार्य को निर्देशित किया कि सीएमओ से समन्वय स्थापित करते हुए टेक्नीशियन की तैनाती सुनिश्चित करें। यह निर्देश दिए गए हैं कि सर्वप्रथम संबंधित मंडल में उपलब्ध रिक्त पदों पर ही इनकी तैनाती की जाए। यदि पद की उपलब्धता नहीं तो मंडलीय अपर निदेशक अन्य समीपवर्ती मंडलीय अपर निदेशक के साथ आपस में समन्वय स्थापित कर इनकी तैनाती दूसरे मंडल में कराएं।