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Basti News: सरयू का जलस्तर छह सेंटीमीटर बढ़ा, कटान से गांवों में बढ़ी चिंता

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दुबौलिया ब्लॉक के उमरिया रिंगबाध के निकट कटान रोकने के लिए मरम्मत कार्य करते श्रमिक संवाद - फोटो : 1
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बस्ती। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण सरयू नदी के जलस्तर में बुधवार को फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। दोपहर बाद जलस्तर छह सेंटीमीटर बढ़ा। शाम पांच बजे अयोध्या स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के अनुसार नदी का जलस्तर 92.27 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 46 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव और लगातार हो रही कटान से बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
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दुबौलिया, विक्रमजोत, कुदरहा और आंशिक बहादुरपुर क्षेत्र के 150 से अधिक गांव बाढ़ की जद में हैं। तटबंधों पर दबाव को देखते हुए बाढ़ खंड संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी हैं। दुबौलिया क्षेत्र में सरयू का जलस्तर दोपहर बाद बढ़ने लगा। इससे सुविका बाबू और आंशिक टेढ़वा गांव के ग्रामीण फिर बाढ़ की आशंका को लेकर सतर्क हो गए हैं। हालांकि, नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है।
उमरिया रिंगबांध के पास कटान थम नहीं रही है। नदी की धारा अब तटबंध से करीब पांच मीटर की दूरी पर रह गई है। बाढ़ खंड की टीम कटान रोकने के लिए मरम्मत और बचाव कार्य में जुटी है। अशोकपुर माझा के पश्चिमी हिस्से में भी बुधवार को कटान जारी रही। इससे लगातार कृषि योग्य भूमि नदी में समा रही है। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में दबाव बना हुआ है। बाढ़ खंड के अधिकारी संवेदनशील स्थलों पर नजर रखे हुए हैं।
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जलस्तर में उतार-चढ़ाव से किसान परेशान
विक्रमजोत। सरयू के जलस्तर में बुधवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह आठ बजे जलस्तर 92.220 मीटर था, जो शाम चार बजे बढ़कर 92.270 मीटर हो गया। खतरे का निशान 92.730 मीटर है।
कटान प्रभावित लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत आसपास के गांवों में ग्रामीण नदी के बढ़ते दबाव को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में कमी-बढ़ोतरी के बीच नदी की तेज धारा कटान को और गंभीर कर सकती है। इससे कृषि भूमि के साथ आबादी वाले क्षेत्रों को भी नुकसान का खतरा है। ग्रामीण मवेशियों और जरूरी सामान को लेकर भी सतर्क हैं।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता ब्रजेश सोनी ने बताया कि जलस्तर कम होने पर तटबंध पर दबाव घट रहा है। इसके बावजूद कटान प्रभावित गांवों में एहतियात बरती जा रही है और उच्चाधिकारियों से लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर कटान रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जा सकें।
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कटान प्रभावित गांवों पर लगातार नजर रखी जा रही है। कटान रोकने के लिए आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। जलस्तर बढ़ने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है और संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
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-दिनेश कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड, बस्ती।
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