सीएमओ ने किया निरीक्षण, अभी पकड़े नहीं गए प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले एक भी चिकित्सक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर शासन से सख्ती के बाद हलचल तेज हो गई है। सीएमओ डॉ. आरएस दुबे लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी निरीक्षण करने निकले। वह जिला महिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां पांच डॉक्टर समेत सात लोग ड्यूटी से नदारद मिले। सीएमओ ने सभी से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले एक भी सरकारी चिकित्सक अभी पकड़ में नहीं आए हैं। वह भी तब जब स्वास्थ्य विभाग की तरफ से काफी सक्रियता दिखाई जा रही है। जिला महिला चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान कुछ तीमारदार यह कहते हुए नजर आए कि रूटीन चेकिंग के दौरान कोई पकड़ में आने वाला नहीं है। प्राइवेट प्रैक्टिस पकड़ने के लिए खुफिया एजेंसियों की तरह छापा मारना होगा। वैसे प्राइवेट प्रैक्टिस में संलिप्त चिकित्सक भी अब सजग हो गए हैं।
यही वजह है कि विभाग के आला अधिकारी किसी चिकित्सक की धर पकड़ नहीं कर पाए हैं। सीएमओ डॉ. आरएस दूबे के निरीक्षण में पांच चिकित्सक और दो कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सुबह 9:30 बजे अचानक सीएमओ के पहुंचने से अस्पताल में हड़कंप मच गया। उन्होंने पहले ओपीडी की जांच की। उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन किया। पता चला कि डॉ. पूजा 21 फरवरी से लगातार अनुपस्थित हैं।
डॉ. एपीडी द्विवेदी 25 फरवरी से शुक्रवार तक अनुपस्थित मिले। डॉ. पीएल गुप्ता, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. अनीता वर्मा निरीक्षण के समय अनुपस्थित मिलीं। स्टाफ नर्स किरन यादव और सृष्टि भी अनुपस्थित मिलीं। इस पर सीएमओ ने सीएमएस को स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में सफाई व्यवस्था भी देखी।
ब्लड जांच और अल्ट्रासाउंड समेत इमरजेंसी सेवाओं को देखा। उन्होंने मरीजों से संवाद स्थापित कर चिकित्सालय में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की। डॉ. सुधांशु द्विवेदी से भी जानकारी ली। इस दौरान टीकाकरण में धन उगाही की शिकायत सामने आई। इस पर सीएमओ ने सख्त चेतावनी दी। सीएमओ शैलेंद्र राय एवं कर्मचारी मौजूद रहे।